मुजफ्फरनगर

Muzaffarnagar : कुख्यात बदमाश संजीव उर्फ जीवा की पत्नी रालोद नेत्री पायल माहेश्वरी की 3 करोड़ की संपत्ति सील

उत्तर प्रदेश के कुख्यात बदमाश संजीव जीवा की पत्नी व रालोद नेत्री पायल माहेश्वरी की लगभग 3 करोड़ की सम्पत्ति को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने सील कर दिया है। प्राधिकरण के सचिव महेंद्र सिंह ने भारी पुलिस बल और प्राधिकरण की टीम को साथ कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की बिल्डिंग को सील करने की कार्यवाही की है।

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उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर में एमडीए की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ कुख़्यात बदमाश संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की पत्नी रालोद नेत्री पायल माहेश्वरी की लगभग 3 करोड़ की सम्पत्ति को सील करने की कार्यवाही की है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सचिव महेंद्र सिंह भारी पुलिस बल और प्राधिकरण की टीम को साथ लेकर थाना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के महावीर चौक पर पहुंचे। जहां कुख़्यात अपराधी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की पत्नी पायल माहेश्वरी के नाम एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की बिल्डिंग को सील करने की कार्यवाही की।

बताया जा रहा है की कमर्शियल काम्प्लेक्स का निर्माण अवैध रूप से किया गया था। निर्माण से पहले प्राधिकरण से नक्शा भी पास नहीं कराया गया था। इसी के चलते विकास प्राधिकरण ने पायल माहेश्वरी के 3 करोड़ रुपये के इस कॉम्पेक्स को सील कर दिया है। विकास प्राधिकरण के सचिव महेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की महावीर चौक पर एक गैरकानूनी कंट्रेक्शन था। प्राधिकरण की तरफ से नोटिस भी जारी किया गया था। जिसका कोई जवाब नहीं आया तो इस गैरकानूनी निर्माण को प्राधिकरण ने सील कर दिया है। ये प्रॉपर्टी क़रीब तीन करोड़ रुपयों की है, जो पायल माहेश्वरी के नाम थी। इसके साथ ही जिले में अन्य गैरकानूनी निर्माण के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।

रालोद के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं पायल माहेश्वरी

गौरतलब है कि कुख्यात अपराधी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा का उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों साम्राज्य था, जो फिलहाल मैनपुरी जेल में बंद है और उसकी पत्नी पायल महेश्वरी राष्ट्रीय लोक दल की नेत्री है, जो 2016 के उपचुनाव में मुजफ्फरनगर की सदर विधानसभा सीट से राष्ट्रीय लोक दल के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी है।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी कार्यवाही

वहीं, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ये कार्यवाही क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह कार्यवाही अवैध निर्माण को लेकर हुई है या फिर राजनीतिक द्वेष के चलते सत्ताधारी पार्टी ने कराई है, इसको लेकर फिलहाल कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

Published on:
05 May 2022 01:02 pm
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