मुजफ्फरनगर

सरकारी जमीन पर डी कंपनी का पैसा लगाने का आरोप

सीएम, पीएम और जिला प्रशासन को लेटर भेजकर जांच कराने की मांग

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muzzafarnagar

मुजफ्फरनगर. सिविल लाइन एरिया में बन रही बिल्डिंग एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। समाजसेवी व आरटीआई कार्यकर्ता ने बिल्डिंग में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का पैसा लगने का आरोप लगाया है। एक प्रसिद्ध एडवोकेट ने जिलाधिकारी से शिकायत कर विवादित जमीन को सरकारी जमीन बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। सालों से बन रही इस बिल्डिंग का निर्माण एक बार पहले भी रुकवाया जा चुका है।

शिकायत कर्ता साहिद हुसैन ने बताया कि राज्य संपत्ति कचहरी के लिए रिजर्व की थी। अंग्रेजों ने जब इस जिले का निर्माण किया था, उसके बाद जिला प्रशासन ने अपने भवन बनाया था। इस जमीन पर भूमाफियाओं की नजर है। उन्होंने बताया कि भू—माफियाओं ने फर्जी तरीके से कब्जा कर लिया है। बताया गया है कि इस जमीन पर चल रहे बिल्ड़िग के निर्माण में 5 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके है। नोटबंदी के दौरान 2 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और 28 लांख का अभी रिकॉर्ड आया है। उस दौरान डीएम और एडीएम को 28 लाख रुपये का रेकॉर्ड दिया गया था। उन्होंने बताया कि इस बिल्डिग के निर्माण में दाऊद का पैसा लगा रहा है। सरकारी जमीन और प्राइम लोकेशन की वजह से बेशकीमती जमीनों पर कब्ज़ा किया गया है।

साहिद हुसैन ने बताया कि दाऊद की कमाई से मोटा धन लेकर निर्माण कार्य की जानकारी प्रशासन को है। साथ ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी जांच की मांग की गई है। जांच के लिए एक लेटर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी संगठनों का पैसा खर्च करके राज्य संपत्ति पर भवन खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत प्रशासनिक अफसरों से की गई थी। जिसकी वजह से इसका निर्माण कार्य रुक गया था। उन्होंने जमीन को राज्य संपत्ति घोषित कराने की मांग की है। मामले में जांच कर रहे अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरिश्चंद्र ने बताया कि जमीन की जांच में प्राइवेट लैंड है। यह कचहरी की जमीन नहीं थी।

Updated on:
15 Apr 2018 01:39 pm
Published on:
15 Apr 2018 01:03 pm
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