
नागौर. जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक से पहले कलक्टर के निर्देश पर सड़क सुरक्षा को लेकर नागौर जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों एवं राज्य राजमार्गों पर नए सिरे से 40 प्रमुख दुर्घटना स्थल (ब्लैक स्पॉट) चिह्नित किए गए हैं । यहां आगामी दिनों में सड़क सुधार के लिए प्रयास किए जाएंगे।
जिला सड़क सुरक्षा समिति की ओर से वर्ष 2023 से 2025 तक के आईआरएडी (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) के विश्लेषण के आधार पर जिले में 40 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां सबसे अधिक सड़क हादसे हुए हैं। इन ब्लैक स्पॉट्स पर दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान गई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। अब जिला प्रशासन इन स्थानों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए गए सुधार कार्यों और प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा करेगा।
कलक्टर के निर्देश पर एनआईसी के आईआरएडी मैनेजर ने पूरे जिले के दुर्घटना संभावित स्थलों की सूची तैयार की है। सोमवार को कलक्ट्रेट में होने वाली जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में 29 विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में सड़क सुधार कार्यों की प्रगति, पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से ओवरस्पीड वाहनों पर कार्रवाई, एम्बुलेंस सेवाओं की स्थिति, स्कूलों में संचालित बाल वाहिनियों की नियमों के अनुरूप व्यवस्था तथा पुलों की सेफ्टी ऑडिट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष पहल की भी समीक्षा की जाएगी। ट्रक चालकों की आंखों की जांच कर उन्हें आवश्यकता अनुसार चश्मे वितरित करने की योजना की प्रगति रिपोर्ट सीएमएचओ से मांगी गई है। प्रशासन का मानना है कि लंबी दूरी तय करने वाले चालकों की दृष्टि संबंधी समस्याएं भी दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बनती हैं।
राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग पर दुर्घटना संभावित स्थल
जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर 20 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इसके प्रमुख दुर्घटना स्थलों में सुरपालिया बायपास, भदाणा (हरिमा), विजय वल्लभ चौराहा, अठियासन सरहद, इनाणा बायपास, भडाणा, कुचेरा - संखवास चौराहा, कुचेरा बायपास, बिचपुड़ी (चकढाणी), रेण, लांच की ढाणी, मेड़ता सिटी बायपास गोलाई, एनएच बायपास से सरकारी अस्पताल मेड़ता सिटी, डांगावास तिराहा, गवारड़ी-मेड़ता बायपास, लांपोलाई टी-जंक्शन, पादूकलां बायपास, थांवला बायपास, टेहला, गुढ़ा जगमालोता, थांवला बायपास को चिह्नित किया गया है।
इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग-62 के प्रमुख दुर्घटना स्थलों में श्रीबालाजी बायपास, अलाय हॉस्पिटल से मुकाल जंक्शन, धुंधवालों की ढाणी बी रोड, बस स्टैण्ड बाराणी, आरटीओ-जवाहरलाल नेहरू अस्पताल मार्ग, डीडवाना बायपास तिराहा, कृषि मंडी जंक्शन से सरस डेयरी, नागौर-बासनी रोटरी चौराहा से आरओबी आईटीआई चौराहा तक, मिर्धा कॉलेज-वाटर वर्क्स चौराहा से स्टेडियम रोड तक, मानासार आरओबी, जोधपुर रोड पर अठियासन व बीकानेर रिंग रोड टी-जंक्शन, चिमरानी टी-जंक्शन, खरनाल, खींवसर पदमसर चौराहा, नागड़ी बस स्टैंड जंक्शन को चिह्नित किया गया है।
इसके साथ स्टेट हाइवे 90 की नागौर-रोल रोड पर गांगवा फांटा, तथा मेड़ता रोड बस स्टैंड शामिल हैं। स्टेट हाइवे 60 पर बस स्टैंड रोड खिंयाला-जायल जंक्शन, स्टेट हाइवे 102 पर आलनियावास-बींजाथल टी-जंक्शन, स्टेट हाइवे 21 पर इंदावड़ से बायड़ टोल रोड तथा स्टेट हाइवे 39 पर बस स्टैंड मेड़ता रोड को शामिल किया गया है।
इसलिए किया चयनित
रिपोर्ट के अनुसार कई स्थानों पर 7 से 8 तक दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि अनेक ब्लैक स्पॉट पर 5 से 6 लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। विशेष रूप से मिर्धा कॉलेज-वाटर वर्क्स चौराहा-स्टेडियम गेट मार्ग, रेण, लांपोलाई जंक्शन, थांवला बायपास तथा पादूकलां बायपास को अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। प्रशासन और संबंधित सड़क एजेंसियों को इन स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने, संकेतक लगाने, सड़क डिजाइन में सुधार करने तथा यातायात नियंत्रण के अतिरिक्त इंतजाम करने की आवश्यकता बताई गई है, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।