थांवला थाने के सामने खड़ी भीड़ को कैम्पर गाड़ी से कुचलने का प्रयास, दो जने गंभीरगंभीर घायलों को किया अजमेर रेफर, भगवैया विवाहिता की दस्तयाबी के बाद दोनों पक्षों के परिजनों का थाने के बाहर डेरा, आपस में कहासुनी के बाद आरोपियों के परिजनों ने कैंपर गाड़ी से किया हमला, चार थानों की पुलिस मौके पर, चार आरोपी गिरफ्तार
थांवला. नागौर जिले के थांवला थाने के सामने मंगलवार रात को कुछ लोगों ने भीड़ पर कैम्पर गाड़ी चढ़ाकर कुचलने का प्रयास किया, जिसमें चार जने घायल हो गए। दो गंभीर घायलों को अजमेर रेफर किया गया है, जबकि दो का स्थानीय स्तर पर उपचार किया गया। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कैम्पर गाड़ी को बरामद कर चार जनों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार थांवला थाना क्षेत्र के ढ़ाणीपुरा गांव से एक विवाहिता गत दिनों 11 महीने के बच्चे को छोड़कर अपने प्रेमी साथ चली गई। इसके बाद उसने नागौर एसपी एवं उच्च न्यायालय जोधपुर में अपने पीहर पक्ष एवं ससुराल पक्ष से जान का खतरा होने का परिवाद देकर प्रेमी संग थांवला पुलिस के समक्ष पेश हुई, जिसके बाद दोनों पक्ष के परिजनों ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले में थांवला एसएचओ भगवैया और उसके प्रेमी के बयान दर्ज कर ही रहे थे कि थाने के सामने आरोपी पक्ष एवं परिवादी पक्ष के परिजनों में आपसी कहासुनी शुरू हो गई, जिसका नतीजा यह रहा कि आरोपी पक्ष के जीजा और उसके मौसेरे भाइयों ने मिलकर भगवैया के पति और उसके परिजनों को मारने की नीयत से कैंपर गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया, जिसमें चार लोग घायल हो गए।
थानाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। नागौर पुलिस मुख्यालय, डेगाना सीओ, डेगाना एसएचओ, पादूकलां एसएचओ और मेड़ता सीओ रात को थाने में अतिरिक्त जाब्ता लेकर पहुंचे एवं स्थिति को नियंत्रित करते हुए भीड़ को तीतर भीतर किया। चारों घायलों को राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें अजमेर रेफर किया गया। आरोपियों की तलाशी के लिए गठित पुलिस टीमों ने रातभर दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनसे घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है।
क्या है मामला
पुलिस के अनुसार ढ़ाणीपुरा निवासी शोभादेवी पत्नी गणपतराम जाट ने गत 26 अगस्त को थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि उसकी बहन लालीदेवी व उसकी शादी ढ़ाणीपुरा में एक ही परिवार में हो रखी है और उसकी बहन लाली 25 अगस्त को घर से एक सोने का बोर, कालर, टूसी, झूमर जोड़ी और चांदी के पायजेब आदि लेकर मेहराणा निवासी जितेन्द्र उर्फ जीतू पुत्र तुलछाराम जाट के साथ चली गई है। लीला के 11 माह का एक पुत्र है जिसको वह अपने ससुराल ढ़ाणीपुरा में छोडक़र चली गई। थानाधिकारी विनोद कुमार मीणा ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी सहित भगवैया विवाहिता की तलाश शुरू की, लेकिन उन्होंने शादी रचाकर जोधपुर उच्च न्यायालय और नागौर पुलिस अधीक्षक के समक्ष हाजिर होकर पीहर पक्ष एवं ससुराल पक्ष के परिजनों से जान का खतरा होने की शिकायत कर सुरक्षा की गुहार लगाई। इसके बाद पुलिस दोनों को थाने में दर्ज शिकायत में बयान लेने के लिए थांवला लाई। रात करीबन 11 बजे पुलिस भगवैया और प्रेमी के बयान दर्ज कर रही थी, उस समय थाने के बाहर परिजनों की भीड़ लग गई। इस दौरान आपसी कहासुनी के चलते दोनों पक्ष भिड़ गए और आरोपी जितेन्द्र उर्फ जीतू के जीजा राजेन्द्र पुत्र गणेशराम बेनीवाल निवासी सनेडिय़ा को विवाहिता का अपहरण एवं अपने साले की शादी कराने का दोषी करार देते हुए हंगामा किया। जिसके बाद गुस्से में आकर वह कैम्पर गाड़ी लेने दौड़ा और अपने मौसेरे भाइयों के साथ मिलकर थाने के बाहर खड़ी भीड़ को कुचलने का प्रयास करते हुए चार जनों को घायल कर दिया।
इनको किया रेफर
घटना में गंभीर घायल ढ़ाणीपुरा निवासी मोहनराम (60) पुत्र नानूराम कड़वा एवं ओरियाना निवासी छोटूराम (44) पुत्र तुलछाराम लेगा को पैरों में फ्रेक्चर होने के कारण अजमेर रेफर किया। अजमेर जेएलएन अस्पताल से छोटूराम को जयपुर व मोहनराम को भीलवाड़ा रेफर किया गया है। जबकि भंवरलाल (62) पुत्र दूलाराम गौरा निवासी ढ़ाणीपुरा और मोरियाना निवासी ओमाराम जाट को प्राथमिक उपचार के बाद छूटटी दे दी।
इनको किया गिरफ्तार
कैंपर गाड़ी से विवाहिता के परिजनों को कुचलने का प्रयास करने वाले संदिग्ध चार आरोपियों को पुलिस टीम ने अलग अलग स्थानों से दस्तयाब किया। थानाधिकारी विनोद कुमार मीणा ने बताया कि मामले में सांवरलाल एवं उसके भाई शिवराज पिसरान, नेमाराम कसवां निवासी गोलाई बालाजी, राजेन्द्र पुत्र गणेशराम बेनीवाल निवासी सनेडिया और राजूराम पुत्र बचनाराम जाखड़ को गिरफ्तार किया गया है।