
एआई तस्वीर
नागौर। प्रदेश में ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बजट घोषणा वर्ष 2026-27 के तहत नागौर जिले में करीब 62 करोड़ रुपए की लागत से गांवों की सड़कों का निर्माण और सुधार कार्य कराया जाएगा। इस योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नॉन-पेचेबल सड़कों के लिए 7 करोड़ रुपए तथा मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 5.50 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है।
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने प्रदेश के सभी जिला कलक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक जिले में सड़कों के चयन और प्राथमिकता तय करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी के अध्यक्ष जिला कलक्टर होंगे, जबकि अधीक्षण अभियंता सदस्य सचिव और अधिशासी अभियंता इसके सदस्य होंगे। यह कमेटी पारदर्शिता और आवश्यकता के आधार पर निर्णय लेगी।
संबंधित जिले के अधीक्षण अभियंता की ओर से जिले की नॉन-पेचेबल और मिसिंग लिंक सड़कों की प्राथमिकता सूची तैयार कर कमेटी को सौंपी जाएगी। इसके बाद कमेटी आवश्यकता, उपयोगिता और महत्व के आधार पर सड़कों का चयन करेगी। चयनित प्रस्तावों को 30 अप्रेल तक मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी जयपुर को भेजना अनिवार्य किया गया है। समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
इस योजना से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से खराब या अधूरी पड़ी सड़कों की स्थिति में सुधार होगा। खासतौर पर मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण से गांवों का आपसी संपर्क बेहतर होगा और आवागमन में आसानी आएगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़े कार्यों में भी सुविधा बढ़ेगी। साथ ही किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भी सहूलियत मिलेगी और समय की बचत होगी। प्रशासनिक स्तर पर इस योजना को तेजी से लागू करने की तैयारी शुरू हो चुकी है, जिससे तय समयसीमा में कार्यों को स्वीकृति मिल सके और ग्रामीणों को इसका लाभ जल्द मिल सके।
Updated on:
29 Apr 2026 03:23 pm
Published on:
29 Apr 2026 03:19 pm
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