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Jalore News: रोहट से आहोर होते हुए डूडसी फांटा तक स्वीकृत नए मार्ग का निर्माण शुरू करने की कवायद तेज हो गई। वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जानकारी के अनुसार वर्तमान में यह प्रोजेक्ट आरएसएचडीसी के सदस्य के पास विचाराधीन है।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि पिछले सप्ताह ही प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। यह सड़क मार्ग करीब 111 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र के कई गांवों और कस्बों को सीधा लाभ मिलेगा। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 555 करोड़ रुपए आंकी गई है, जो इसे जालोर जिले की बड़ी सड़क परियोजनाओं में शामिल करती है।
इस मार्ग के निर्माण से रोहट और आहोर के बीच आवागमन सुगम होगा। साथ ही व्यापार और परिवहन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों को लंबे समय से इस सड़क के निर्माण का इंतजार है, जो अब स्वीकृति के अंतिम चरण में पहुंच चुका है। प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया पूरी होते ही टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है।
प्रोजेक्ट की क्रियान्विति से पूर्व जरुरत के अनुसार भूमि अवाप्ति, पुल और रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को सोइल टेस्ट, अलाइनमेंट में जरुरत के अनुसार बदलाव किया जाएगा।
भैंसवाड़ा से ऊण, राजनवाड़ी, लेटा होते हुए बागरा से आगे तक यह 30 किमी बायपास बनाया जाएगा। बायपास हिस्से में जरुरत के अनुसार आबादी क्षेत्र में गांवों के बाहर से नए बायपास का निर्माण भी करवाया जाएगा।
वर्ष 2010-11 में बीओटी योजना में इस मार्ग का निर्माण रोहिट से जालोर तक किया गया था। मार्ग बनने के बाद एजेंसी ने मनमानी की और इसका नवीनीकरण ही नहीं किया। सड़क की बदहाली को लेकर लोग सड़कों पर उतरे। साथ ही रोड नंहीं तो टोल नहीं आंदोलन किया गया।
जालोर जिला मुख्यालय से वर्तमान में जोधपुर तक आवाजाही ही सबसे मुश्किल है। रोहिट से आहोर तक मार्ग की दशा खराब है। मार्ग पर गड्ढे है, जो पैचवर्क किए भी गए, वे भी उखड़ चुके हैं। जबकि हाईकोर्ट, एम्स जैसे चिकित्सा संस्थानों के लिए सर्वाधिक आवाजाही जालोर शहर तक ही होती है। जालोर से जोधपुर तक आवाजाही करने के दौरान रोहिट-आहोर तक सड़क की बदहाल स्थिति के चलते वर्तमान में लोगे की आवाजाही नरसाणा, भंवरानी, रामा, बाला, भोरड़ा, लूनी से हो रही है। इसी तरह वैकल्पिक मार्ग के रूप में कार चालक कल्याणपुर होकर भी जोधपुर पहुंच रहे हैं।
प्रोजेक्ट की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति मिलने का इंतजार है। स्वीकृति जारी होने के बाद आगामी कड़ी में टेंडर प्रक्रिया शुरु हो पाएगी। साथ ही चरण बद्ध तरीके से कार्य करवाए जा सकेंगे।
-अमित सुथार, एईएन, राजस्थान स्टेट हाइवे, ऑथोरिटी
Updated on:
29 Apr 2026 10:36 am
Published on:
29 Apr 2026 09:53 am
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