
नागौर/कुचामनसिटी. राजस्थान में विदेशी महिलाओं के जरिए संचालित किए जा रहे देह व्यापार के संगठित नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। स्टेट और सेंट्रल खुफिया एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से नागौर सहित प्रदेश के आधा दर्जन जिलों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक दर्जन बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई की शुरुआत रविवार रात नागौर जिले के डेगाना से हुई, जहां खुफिया सूचना के आधार पर रविवार रात को एक बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया गया। उससे पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन सिटी, जयपुर, सिरोही, भीलवाड़ा सहित अन्य जिलों में एक साथ दबिश देकर पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया।
इसी कार्रवाई के तहत सोमवार को कुचामन शहर के स्टेशन रोड स्थित नावां चौराहे के पास ब्लू डायमंड होटल एंड रेस्टोरेंट पर पुलिस ने छापा मारा। होटल को चारों ओर से घेरकर कमरों की तलाशी ली गई, जहां से तीन बांग्लादेशी और एक बिहार निवासी महिला मिली। चारों को हिरासत में लेकर कई घंटे पूछताछ की गई और सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। सीआईडी और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही है।
फर्जी आधार कार्ड तैयार किए
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार बांग्लादेशी महिलाएं स्थानीय लोगों की मदद से अपनी पहचान छिपाकर प्रदेश के विभिन्न शहरों में रह रही थीं। उन्होंने दूसरों के आधार कार्ड में कथित रूप से एडिटिंग कर फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाए और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल सिम कार्ड भी हासिल किए। पुलिस अब फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह, सिम उपलब्ध कराने वालों और स्थानीय सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और विभिन्न जिलों में विदेशी महिलाओं से देह व्यापार कराए जाने की आशंका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार महिलाएं भारत में कब और किस माध्यम से प्रवेश करीं, उन्हें यहां कौन लेकर आया और प्रदेश में उनका संचालन कौन कर रहा था। साथ ही उनके स्थानीय संपर्कों और आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त
डेगाना व कुचामन से गिरफ्तार बांग्लादेशी महिलाओं के पासपोर्ट, वीजा, आधार कार्ड, पहचान पत्र और भारत में प्रवेश से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। खुफिया विभाग व स्थानीय पुलिस यह भी पता लगा रही है कि होटल में उन्हें किसने ठहराया और क्या होटल प्रबंधन को उनकी वास्तविक पहचान की जानकारी थी। जांच का दायरा होटल संचालकों और अन्य सहयोगियों तक भी बढ़ाया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार महिलाओं के मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। मामले की जांच मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार, अवैध घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में कई अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।