12 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में 1 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति हड़पने का आरोपी गिरफ्तार, पोर्टल में सेंध लगाकर करता था खेल

केंद्र सरकार की राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना (एनएसपी) के पोर्टल से छेड़छाड़ कर अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति हड़पने वाले इनामी मास्टरमाइंड इमरान अली को राजस्थान पुलिस ने लखनऊ के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। प्रदेश में 1.02 करोड़ की छात्रवृत्ति हड़प चुका है।
2 min read
Google source verification

नागौर

image

Kamal Mishra

Jul 12, 2026

NSP Scholarship Scam

NSP Scholarship Scam: जानकारी देते पुलिस अधिकारी (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

डीडवाना। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना (एनएसपी) के पोर्टल में सेंध लगाकर करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति फर्जी खातों में ट्रांसफर करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड को डीडवाना-कुचामन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के उत्तर कोटगांव निवासी इमरान अली उर्फ सरजू (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित कर रखा था। दो दिन की गहन पूछताछ के बाद रविवार को उसकी गिरफ्तारी दर्ज की गई।

पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने बताया कि आरोपी एनएसपी पोर्टल में तकनीकी सेंध लगाकर फर्जी छात्रवृत्ति आवेदन तैयार करवाता था। इसके बाद राशि अपने नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर करवा दी जाती थी। जांच में सामने आया कि सत्र 2021-22 और 2022-23 के दौरान डीडवाना-कुचामन जिले की 25 शिक्षण संस्थाओं के डाइस (DISE) कोड का दुरुपयोग कर करीब 150 फर्जी विद्यार्थियों के नाम पर छात्रवृत्ति निकाली गई। इस गिरोह ने प्रदेशभर में 1.02 करोड़ रुपये की ठगी की, जिसमें अकेले डीडवाना-कुचामन जिले में 82 लाख रुपये का गबन हुआ।

गिरफ्तारी के लिए पुलिसकर्मी बने मजदूर

मुख्य आरोपी तक पहुंचना पुलिस के लिए आसान नहीं था। जांच अधिकारी आरपीएस जेठूसिंह के नेतृत्व में विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लंबे समय तक उसकी तलाश की। पुलिसकर्मियों ने पश्चिम बंगाल में मजदूर बनकर चाय बागानों में काम किया और लगातार निगरानी के बाद आरोपी को लखनऊ के पास एक्सप्रेस-वे से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

ऐसे करता था खेल

जांच में सामने आया कि गिरोह बंद हो चुकी या केवाईसी अधूरी शिक्षण संस्थाओं के डाइस कोड का दुरुपयोग करता था। इसके बाद फर्जी छात्र आईडी तैयार की जाती, ग्रामीणों के बैंक खाते और दस्तावेज जुटाए जाते तथा क्लोन फिंगरप्रिंट की मदद से सीएसपी केंद्रों से छात्रवृत्ति की राशि निकाल ली जाती थी। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के खिलाफ राजस्थान के विभिन्न जिलों में 28 मामले दर्ज हैं।

यह वीडियो भी देखें :

मामले में पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी

इस मामले में पुलिस पहले ही जुबेर आलम, मंसूर आलम और एमडी मुन्ना मुस्तक को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर चुकी है। इमरान अली के ठिकाने पर की गई कार्रवाई में 18 फर्जी शिक्षण संस्थानों की मुहरें, 105 मोबाइल सिम, करीब 1.58 करोड़ रुपये की फर्जी रसीदें, चार क्लोन फिंगरप्रिंट, फिंगरप्रिंट मशीन, मोबाइल पेमेंट टर्मिनल और बांग्लादेश निर्मित चार-सिम वाला मोबाइल बरामद किया गया था।

पुलिस गहन जांच में जुटी

इसके अलावा आरोपी के कब्जे से 44 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, सात एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह हाल के समय तक छात्रवृत्ति योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर रहा था। अब पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।