
नागौर. निकटवर्ती ग्राम पंचायत चूंटीसरा के ग्रामीणों ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर पंचायत में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना के तहत किए जा रहे कार्य में फर्जीवाड़े की जांच करवाने की मांग की है। ग्रामीण दुलाराम, हड़मान, गोपाल, मदनराम, चेनाराम,डूंगरराम, छोटूराम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने ज्ञापन में लिखा है कि निलंबित सरपंच पुत्र, जेटीए, ग्रामसेवक व बीडीओ आदि मिलकर बड़े स्तर पर राशि का गबन कर रहे हैं। कार्य रुकवाकर टेंंडर करवाने की मांग कर रहे ग्रामीणों ने लिखा है कि टांका निर्माण में हो रही अनियमितता की शिकायत की जांच नागौर उपखंड अधिकारी व जलग्रहण विभाग के एसई कर रहे हैं।
फर्जी मस्टररोल भरने का आरोप
ग्रामीणों ने ज्ञापन में लिखा है कि मौके पर किए गए कार्य से ज्यादा एमबी भरकर भुगतान उठाया गया है। टांकों की खुदाई भी जेसीबी से करवाकर फर्जी मस्टररोल भरे जा रहे हैं। ग्राम पंचायत में 120 टांकों के निर्माण में भ्रष्टाचार कर किए गए गबन की जांच करवाई जाए। ज्ञापन में लिखा है कि 150 टांकों का निर्माण करवाया जाना बाकी है और उनके निर्माण के लिए ऑन लाइन ई टेंडर प्रक्रिया से टेंडर करवाकर कार्य करवने के आदेश किए जाए या लाभार्थी के खाते में सीधे ही राशि डाली जाए। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की जांच करवाने की मांग की है।
सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चाऊ से श्यामसर तक बनाई जा रही सड़क में अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। चतराराम, पदमाराम, दुजाराम, रामचन्द्र, रमेश अमानाराम समेत अन्य ग्रामीणों ने लिखा है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से बनाई जा रही 9 किमी सड़क को बिना खोदे व ग्रेवल किए बनाया रहा है। 13 फीट चौड़ी सड़क पर केवल डामर डालकर 18 फीट सड़क का निर्माण किया जा रहा है। ्र्ग्रामीणों ने लिखा है कि सड़क का निर्माण कार्य घटिया होने से पहली बारिश में ही सड़क उधड़ जाएगी।
तकनिकी बिन्दु किए दरकिनार
निर्माण कार्य के दौरान विभाग व ठेकेदार की ओर से सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है, इससे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। निर्माण कार्य में तकनिकी बिन्दुओं को दर किनार किया जा रहा है। ढाई करोड़ के निर्माण कार्य मेंं अधिकारियों की मिली भगत से ठेेकेदार की ओर से निर्माण कार्य में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है। ग्रामीणों ने कलक्टर से एक टीम गठित कर तकनिकी रूप से मापदंडों की जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाए।