
तालाब पर प्रस्तावित पुलिया अब तक अधूरी, टूटी चारदीवारी से बारिश में पार्क में पानी घुसने का खतरा, सुरक्षा कर्मी नहीं होने से बढ़ रही अव्यवस्था
नागौर. शहर के जड़ा तालाब के किनारे करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किया गया सिटी पार्क समय से पहले ही बदहाल होने लगा है। शहरवासियों को आधुनिक और हैरिटेज लुक वाला पार्क देने के उद्देश्य से तैयार किए गए इस जगह अव्यवस्था नजर आने लगी है। पार्क में सूखे पेड़, उजड़ी हरियाली, टूटे जिम उपकरण, बंद वॉशरूम, बिखरी ईंटें और पड़ा कचरा खुद-ब-खुद देखरेख की स्थिति को उजागर करती हुई नजर आ रही है।
प्रवेश करते ही दिखने लगती है लापरवाही
पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार से अंदर कदम रखते ही अव्यवस्था नजर आने लगती है। कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग के बीच मिट्टी और कंकड़ बिखरे पड़े हैं। रास्तों के किनारे लगी घास अधिकांश जगहों से गायब है, जबकि कई पौधे और पेड़ सूख चुके हैं। कुछ पेड़ों की पत्तियां झुलसी हुई दिखाई देती हैं, जो समय पर सिंचाई और देखभाल नहीं होने की ओर इशारा करती हैं। जिस हरियाली को इस पार्क की सबसे बड़ी पहचान बनाया जाना था, वहीं सबसे ज्यादा उपेक्षा का शिकार दिखाई दे रही है।
बच्चों के झूले और ओपन जिम की हालत खराब
पार्क में बच्चों के लिए लगाए गए झूलों के आसपास घास की जगह धूल और मिट्टी फैली हुई है। कुछ झूलों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। दूसरी ओर युवाओं और बुजुर्गों के लिए लगाए गए ओपन जिम के कई उपकरण टूट चुके हैं, जबकि कुछ ढीले होकर अनुपयोगी होने लगे हैं। नियमित मरम्मत नहीं होने से इन सुविधाओं का उपयोग करना भी जोखिम भरा बन गया है।
नहीं बन पाई पुलिया
पार्क को और आकर्षक बनाने के लिए तालाब के ऊपर पुलिया तथा ग्रीन ट्रैक विकसित करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया। यदि यह योजना समय पर पूरी हो जाती तो पार्क का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता था। अधूरे कार्यों के कारण पार्क का सौंदर्य भी प्रभावित हो रहा है।
टूटी चारदीवारी बढ़ा खतरा
्््पार्क की चारदीवारी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तेज बारिश होती है तो तालाब का पानी पार्क के भीतर प्रवेश कर सकता है। चारदीवारी टूटने से असामाजिक तत्व भी आसानी से पार्क में पहुंच जाते हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
बंद वॉशरूम और सुरक्षा कर्मी भी नहीं
पार्क में बनाए गए वॉशरूम लंबे समय से बंद पड़े हैं। इसके अलावा पूरे पार्क में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं होने से शाम के समय हुड़दंग और गंदगी फैलाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। खाने-पीने का सामान और प्लास्टिक कचरा कई जगह बिखरा मिला। इससे परिवारों और महिलाओं का पार्क की ओर रुझान भी कम होने लगा है।
शहरवासी बोले, रखरखाव नहीं हुआ तो खत्म हो जाएगी पार्क की पहचान
पार्क घूमने आए रामलाल शर्मा, कैलाश प्रजापत, महेंद्र सिंह, अशोक सैनी, मोहनलाल चौधरी, सुरेश मीणा, दिनेश सोनी और राजेश कच्छावा ने बताया कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया पार्क नियमित देखभाल के अभाव में तेजी से बदहाल हो रहा है। उनका कहना है कि नगरपरिषद को नियमित सफाई, सूखे पेड़ों के स्थान पर नए पौधे लगाने, टूटे उपकरणों की मरम्मत, चारदीवारी दुरुस्त कराने और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती जल्द करनी चाहिए। ताकि शहर की इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक धरोहर की उपयोगिता बनी रहे।
पार्क की स्थिति सुधारी जाएगी……..
सिटी पार्क की स्थिति को दिखवाकर इसे सुधारा जाएगा। इसमें जहां से घास गायब हो चुकी है, और चारदीवारी टूटी है तो फिर इसको इसके अनुरूप व्यवस्थित कराने का काम करा दिया जाएगा।
गोविंद सिंह भींचर, आयुक्त नगरपरिषद नागौर