
नागौर. आत्मा शासी परिषद की शुक्रवार को कलक्ट्रेट के सभागार में बैठक हुई। इस दौरान वार्षिक कार्ययोजना पर चर्चा कर अनुमोदन किया गया। इसमें जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल मीणा ने कहा कि कृषि प्रसंस्करण उपरान्त तकनीकी, जैविक खेती व कृषक उत्पादक समूह के गठन की जानकारी कृषक प्रशिक्षण, गोष्ठी व अन्य गतिविधियों मे भाग लेने वाले कृषकों को अधिक से अधिक उपलब्ध कराई जाए। विधायक नारायण बेनीवाल ने आत्मा योजनान्तर्गत समस्त जिले हेतु 360.06 लाख़ रूपए का आवंटन हेतु असंतोष जताते हुए आत्मा योजनान्तर्गत गतिविधियों यथा कृषक प्रशिक्षण, भ्रमण, प्रदर्शन हेतु पात्र व युवा कृषकों का चयन किया जाने व इसके साथ ही आत्मा योजनान्तर्गत गतिविधियों एवं कृषि विभाग की प्रसार गतिविधियों में जिले की सहकारी समितियों के समावेशन किए जाने हेतु सुझाव दिया। नाबार्ड प्रबंधक मोहित कुमार ने इसमें वेयरहाउस बनाने की नाबार्ड योजना की जानकारी दी। कृषि उपनिदेशक शंकराराम बेड़ा ने ब्लॉक तकनीकी दल, ब्लॉक कृषक सलाहकार समिति व जिला कृषक सलाहकार समिति के गठन की प्रगति के बारे में सदन को अवगत कराया गया। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जगदीश बरवड़, साईलेज चारा प्रदर्शन प्रगति व पशुपालन विषय पर फार्म स्कूल करवाने जाने की जानकारी दी आत्मा परियोजना निदेशक गुंजन आसवानी ने योजनान्तर्गत गत वर्ष में 192.50 लाख रूपये व्यय कर 93.91 प्रतिशत की अर्जित प्रगति तथा वर्ष 2021-22 हेतु 360.06 लाख रूपये की वार्षिक कार्य योजना से सदन को अवगत कराया।
यह गतिविधियां होंगी
आत्मा परियोजना निदेशक ने बताया कि योजना के तहत तीन अंतरराज्यीय कृषक प्रशिक्षण, आठ अन्तरा-राज्य कृषक प्रशिक्षण, 30 अन्त: जिला प्रशिक्षण संस्थागत व 30 अन्त: जिला प्रशिक्षण असंस्थागत, 1875 फसल प्रदर्शन, 750 सम्बद्ध क्षेत्र के प्रदर्शन दो अन्तर राज्यीय कृषक भ्रमण, छह अन्तरा राज्य कृषक भ्रमण, 15 अन्त: जिला भ्रमण, कृषक मेला, 30 कृषक रूचि समूह प्रशिक्षण, 30 महिला खाद्य सुरक्षा समूह का प्रशिक्षण, 75 कृषक पुरस्कार, 2 कृषक वैज्ञानिक संवाद 30 कृषक गोष्ठियां, 30 फार्म स्कूल प्रदर्शन व प्रशिक्षण, 15 पंचायत समितियों के लिए नवाचार प्रदर्शन तथा अन्य गतिविधियों का आयोजन होगा। इस कार्य योजना का अनुमोदन कर दिया गया। इसमें कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि अनुसंधान केन्द्र, पशुपालन, कृषि विभाग, जिला उद्योग केन्द्र, सरस डेयरी, राजस्थान राज्य बीज निगम लि. एवं आईसीडीएस आदि विभागों के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।