
Nagaur: Inspecting the clothing showroom of a reputed company located at Kile Ki Dhal.
नागौर. शहर में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं को लेकर राजस्थान पत्रिका की लगातार पड़ताल और प्रशासन की ओर से जारी नोटिसों की समयावधि पूरी होने के बाद आखिरकार मंगलवार को कार्रवाई शुरू हो गई। नगरपरिषद और अग्निशमन शाखा की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर किले की ढाल स्थित एक प्रतिष्ठित कंपनी के रेडीमेड क्लोथ शोरूम व मानासर चौराहा से गणेश मंदिर जाने वाले मार्ग पर स्थित एक डिजिटल लाइब्रेरी को सीज कर दिया, जबकि कई अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों को सात दिन के भीतर अग्निशमन संबंधी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। नागौर में फायर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर इस तरह की सीज कार्रवाई पहली बार मानी जा रही है।
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लगातार तीन खबरों में उठाया था मुद्दा
राजस्थान पत्रिका ने 25 जून के अंक में 'हादसे का अलार्म : चीखों में न बदल जाए लापरवाही, फायर सेफ्टी पर प्रशासन मौन' शीर्षक से शहर के बैंक, अस्पताल, स्कूल, कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में फायर सुरक्षा की अनदेखी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके अगले ही दिन 26 जून को 'मौके पर जाकर जांच और कार्रवाई नहीं, प्रशासन अभी भी नोटिस पर अटका' शीर्षक से प्रकाशित खबर में बताया गया था कि सरकार के निर्देशों के बावजूद कार्रवाई केवल नोटिसों तक सीमित है। इसके बाद जिला अस्पताल के फायर सिस्टम के वर्षों से बंद पड़े होने और सुरक्षा व्यवस्था में खामियों को लेकर भी पत्रिका ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
नोटिस के बाद अब शुरू हुई कार्रवाई
नगरपरिषद ने पहले चरण में शहर के 100 से अधिक संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों को फायर सुरक्षा संबंधी नोटिस जारी किए थे। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद मंगलवार को संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण शुरू किया। जांच के दौरान किले की ढाल क्षेत्र स्थित एक बड़े व्यावसायिक शोरूम और मानासर चौराहा क्षेत्र के एक व्यावसायिक भवन में गंभीर कमियां मिलने पर दोनों को सीज कर दिया गया। संबंधित भवन स्वामियों को सात दिन के भीतर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कई क्षेत्रों में पहुंची जांच टीम
कार्रवाई केवल दो भवनों तक सीमित नहीं रही। टीम ने वाटरवक्र्स चौराहा, कॉलेज रोड, मूण्डवा चौराहा, विजयवल्लभ मार्ग और बासनी रोड सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों का भी निरीक्षण किया। जहां अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) अथवा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं में कमी मिली, वहां संचालकों को सात दिन के लिखित नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान टीम ने अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों की जांच की। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल नोटिस देना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराना है। जिन संस्थानों में निर्धारित अवधि के बाद भी कमियां बनी रहेंगी, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सात दिन बाद फिर होगी जांच
नगरपरिषद आयुक्त गोविंद सिंह भींचर ने स्पष्ट किया है कि नोटिस प्राप्त करने वाले सभी संस्थानों का निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि अग्निशमन सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं पूरी नहीं मिलीं तो संबंधित भवनों के विरुद्ध सीज सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा, ताकि सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों में सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।
Updated on:
08 Jul 2026 10:21 pm
Published on:
08 Jul 2026 10:21 pm
