
नागौर. सरकारी भूमि महाविद्यालय को आवंटित करने, फीस में राहत देने व सरकारी महाविद्यालयों में स्वयंपाठी विद्यार्थियों के लिए विज्ञान संकाय में बीएससी वापस शुरू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जिला कलक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सुरेश भाकर ने बताया कि कोरोना के चलते लॉकडाउन के कारण देश की जनता पर आर्थिक मार पड़ी है, जिसमें विद्यार्थियों के परिवारों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हुई है, साथ ही कोरोना के कारण कुछ कक्षा के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया, उनकी परीक्षा भी आयोजित नहीं की गई। इसलिए विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क वापस देकर फीस में राहत प्रदान करनी चाहिए।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हनुमान लामरोड़ व छात्र नेता दयाल चौधरी ने बताया मिर्धा महाविद्यालय के पीछे के भूभाग पर सरकारी भूमि स्थित है, पहले मिर्धा कॉलेज के भूभाग पर केवल एक ही महाविद्यालय होता था, अब इस जमीन में से माडीबाई महिला महाविद्यालय और विधि महाविद्यालय को जमीन अलॉट कर दी गई है। साथ ही आए दिन भूमाफिया इस जमीन पर अतिक्रमण करने का प्रयास करते हैं, इसलिए छात्र हित को ध्यान में रखते हुए इस भूमि को जल्द से जल्द महाविद्यालय को आवंटित किया जाए।
छात्र संघ उपाध्यक्ष रहे मोहन मेघवाल, छात्र नेता मनोज मेघवाल ने बताया कि पहले विद्यार्थी यदि सरकारी महाविद्यालय में नियमित नहीं होते थे, तो स्वयंपाठी विद्यार्थी के रूप में यूजी में विज्ञान संकाय में बीएससी कर पाते थे, लेकिन पिछले कुछ समय से स्वयंपाठी विद्यार्थियों के लिए बीएससी बंद कर दी गई है, जिसके कारण विद्यार्थियों को भारी-भरकम फीस चुका कर निजी महाविद्यालयों में बीएससी करनी पड़ती है। इसलिए वापस स्वयंपाठी विद्यार्थियों के लिए बीएससी शुरू की जाए।