नागौर

Nagaur patrika news…नाला सफाई के बाद भी सडक़ों पर गंदगी के ढेर, पहली बारिश में फिर डूब सकता है शहर

नागौर शहर में नाला सफाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। स्थिति यही रही तो पहली बारिश में ही शहर पानी में डूब सकता है

2 min read
May 18, 2026
Even after cleaning the drains

नागौर. मानसून से पहले शहर को जलभराव से बचाने के लिए चल रहा नाला सफाई अभियान खुद सवालों में घिरता नजर आ रहा है। शहर के कई हिस्सों में नालों से निकाला गया कीचड़ और कचरा दिनों से सडक़ों के किनारे ढेरों में पड़ा है। कहीं आधे नाले साफ हैं, तो कहीं अब भी गंदगी और ठहरा पानी भरा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि यदि तेज बारिश हुई तो यही मलबा दोबारा नालों में बहकर जाएगा और शहर एक बार फिर जलभराव की समस्या से जूझ सकता है।
सडक़ किनारे पड़ा मलबा
संत बलरामदास कॉलोनी से पत्रकार कॉलोनी जाने वाले मार्ग पर एक ओर नाले की सफाई तो कर दी गई, लेकिन उसका मलबा वहीं सडक़ किनारे छोड़ दिया गया। कई जगह मिट्टी, पत्थर और कचरे के ढेर पड़े हैं। दूसरी ओर का नाला अब भी गंदगी से अटा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई के बाद मलबा नहीं हटाने से पूरी कवायद बेअसर होती नजर आ रही है। खत्रीपुरा क्षेत्र में भी सफाई अधूरी दिखाई दे रही है। नाले में अब भी प्लास्टिक कचरा और गाद जमा है। कई जगह पानी ठहरा हुआ नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि सफाई के बावजूद पानी निकासी की स्थिति नहीं सुधरी है।

लोहारपुरा और समस तालाब क्षेत्र की चिंता
लोहारपुरा नाला और दिल्ली दरवाजा से समस तालाब तक जाने वाले नाले की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। कई हिस्सों में गंदा पानी जमा है, जबकि सफाई के बाद निकाला गया कीचड़ किनारों पर पड़ा हुआ है। खुले में फैली गंदगी के बीच पशु घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे बदबू और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। नगरपरिषद अधिकारियों का कहना है कि शहर के प्रमुख नालों की सफाई का कार्य जारी है और 30 जून से पहले सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी। हालांकि लोगों का कहना है कि काम की रफ्तार और मौजूदा हालात देखकर समय पर प्रभावी सफाई होना मुश्किल नजर आ रहा है।

पहली तेज बारिश बन सकती है मुसीबत

गत दिनों हुई बारिश में भी कई जगहों पर नालों के किनारे पड़ा मलबा वापस बहकर नालों में चला गया था। इससे पानी निकासी बाधित हुई और कुछ इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति बन गई थी। संत बलरामदास कॉलोनी निवासी रमेश चौधरी का कहना है कि हर साल बारिश से पहले सफाई तो होती है, लेकिन मलबा समय पर नहीं उठाया जाता। वहीं खत्रीपुरा निवासी महेंद्र सोनी ने बताया कि नालों में अब भी गंदगी जमा है, ऐसे में तेज बारिश हुई तो पानी सडक़ों पर आने की आशंका बनी रहेगी।

इनका कहना है…
नाला सफाई की स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। सफाई के बाद निकले मलबा को तिरपाल से कवर्ड कर डम्पिंग यार्ड तक ले जाने का निर्देश अनुबंधित एजेंसी को दिया गया है। इसके बाद भी इसकी पालना नहीं की जा रही है तो इसकी स्थिति देखकर यथोचित कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
18 May 2026 12:14 pm
Also Read
View All