नागौर

श्रम विभाग में नहीं थम रहा फर्जीवाड़ा, नियमों पर दलाल हावी

मृत्यु सहायता योजना व छात्रवृत्ति योजना में फर्जीवाड़े की कलक्टर ने करवाई जांच तो हुआ खुलासा, सम्बन्धित अधिकारियों को नोटिस देने की तैयारी- श्रम विभाग में लम्बे समय से चल रहा है दलाली का खेल
2 min read
• •
Updated: 22 Feb 2024, 12:28 PM IST
Fraud not stopping in Labor Department
Fraud not stopping in Labor Department

नागौर. श्रम विभाग में भ्रष्टाचार का सिलसिला समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। विभाग में दलालों के माध्यम से आने वाले प्रकरणों को आधी रात में ही स्वीकृति देने व सामान्य प्रकरणों को महीनों नहीं वर्षों तक लटकाने का काम अनवरत जारी है। पेंडेंसी को खत्म करने को लेकर उच्चाधिकारियों का ज्यादा दबाव आने पर ज्यादातर आवेदनों को निरस्त करने से भी स्थानीय अधिकारी नहीं हिचकते। राजस्थान पत्रिका की ओर से पूर्व में मृत्यु सहायता योजना सहित अन्य योजनाओं में किए गए फर्जीवाड़े का खुलासा करने के बाद विभागीय जांच में भी फर्जीवाड़ा साबित हुआ था तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई, इसके बावजूद नए अधिकारी इस प्रकार का फर्जीवाड़ा करने से बाज नहीं आए। हाल ही मृत्यु सहायता सहित छात्रवृत्ति के आवेदनों में इस प्रकार का फर्जीवाड़ा करने व बिना किसी उचित कारण के आवेदनों को निरस्त करने के मामले सामने आए हैं।
गत दिनों मृत्यु सहायता योजना व छात्रवृत्ति योजना में किए गए फर्जीवाड़े को लेकर जिला कलक्टर को शिकायत करने पर तत्कालीन जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने सूचना प्रौद्योगिकी के संयुक्त निदेशक कुम्भाराम रेलावत से उनकी जांच करवाई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेलावत ने प्रकरणों की जांच की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। संयुक्त निदेशक रेलावत ने जांच रिपोर्ट जिला कलक्टर को सौंप दी, लेकिन उसी समय उनका तबादला हो गया, इसलिए अब नए कलक्टर आने के बाद संबंधित अधिकारियों को नोटिस दिए जाएंगे।

इन प्रकरणों पर लग रहे प्रश्न चिह्न

छात्रवृत्ति के आवेदनों में हास्यास्पद स्थिति

यह भी गजब
मौलासर क्षेत्र के कयामसर गांव के 73 आवेदन एक साथ कार्यालय खुलने से पहले रिओपन किए गए। सभी आवेदन सुबह 9 बजे से पहले एक साथ रिओपन किए गए।

जिला कलक्टर से चर्चा के बाद करेंगे कार्रवाई
श्रम विभाग के अधिकारियों की ओर से की गई गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट आ गई है। नए जिला कलक्टर गुरुवार को ज्वाइन कर रहे हैं, उनसे चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।
- अशोक कुमार योगी, अतिरिक्त जिला कलक्टर, नागौर

Published on: