
बड़ली के बाद अतिक्रमण विरोधी अभियान का अगला चरण, नगर परिषद-राजस्व विभाग करेंगे संयुक्त जांच, सरकारी भूमि पर कब्जे की पुष्टि हुई तो होगी नियमानुसार कार्रवाई
नागौर. बड़ली क्षेत्र में करीब 50 बीघा सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद अब प्रशासन अतिक्रमण विरोधी अभियान का दायरा बढ़ाने की तैयारी में है। अगले चरण में शहर के उन क्षेत्रों की जांच की जाएगी, जहां सरकारी भूमि पर कब्जों और निर्माण को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। इनमें अंगोर क्षेत्र भी शामिल है। विशेषकर पूरे बड़ली क्षेत्र के एरिया में सरकारी जमीनों की वास्तविक स्थिति की सघनता से जांच की जाएगी। इस संबंध में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले नगर परिषद और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेंगे। यदि जांच में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बड़ली की कार्रवाई के बाद बढ़ी उम्मीद
करीब 50 बीघा सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि अभियान आगे किन क्षेत्रों तक पहुंचेगा। लंबे समय से शहर के विभिन्न हिस्सों में सरकारी भूमि पर कब्जों की शिकायतें उठती रही हैं। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि अब अन्य विवादित स्थानों की भी वस्तुस्थिति स्पष्ट होगी और जहां आवश्यकता होगी, वहां नियमों के अनुसार कार्रवाई भी होगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाना उनकी प्राथमिकता है। विशेषकर जहां सरकारी भूमि को लेकर लंबे समय से शिकायत मिलती रही है। अधिकारियों के अनुसार पहले ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण किया जाएगा, ताकि जांच व्यवस्थित ढंग से हो सके। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। अभियान का उद्देश्य किसी व्यक्ति या स्थान विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सरकारी भूमि की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करना है।
राजस्व रिकॉर्ड से तय होगी जमीन की स्थिति
जांच के दौरान नगर परिषद और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम राजस्व रिकॉर्ड, खसरा, नक्शों और सीमांकन का मिलान करेगी। इसी प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित भूमि सरकारी है या निजी स्वामित्व की। प्रशासन का मानना है कि दस्तावेजी आधार पर किया गया सत्यापन आगे की पूरी कार्रवाई का आधार बनेगा और इससे अनावश्यक विवाद की स्थिति भी नहीं बनेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल शिकायत मिलने भर से किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। पहले सभी तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा। यदि जांच में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण या अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रावधानों के तहत नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यदि भूमि निजी स्वामित्व की पाई जाती है तो उस मामले का निस्तारण रिकॉर्ड के अनुसार किया जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा अभियान
प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण विरोधी अभियान किसी एक स्थान तक सीमित नहीं रहेगा। बड़ली की कार्रवाई के बाद अब अन्य शिकायत वाले क्षेत्रों की भी क्रमवार जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार सरकारी भूमि की सुरक्षा, राजस्व रिकॉर्ड का संरक्षण और भविष्य में नए अतिक्रमण पर रोक लगाना अभियान की प्राथमिकता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार…जांच कर कार्रवाई करेंगे
नगर परिषद और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम जांच की प्रक्रिया पूरी करेगी। प्रत्येक प्रकरण में निर्णय राजस्व रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। जहां सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि होगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
गोविंद सिंह भींचर, उपखण्ड अधिकारी नागौर
सरकारी जमीनों की उनके खसरा नंबर के अनुसार जांच कराई जाएगी। जांच में अंगोर या प्रतिबंधित क्षेत्र की भूमि होने पर कानूनी प्रावधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पटवारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
नृसिंह टाक, तहसीलदार नागौर