नागौर

आनन्दपाल के भाई सहित 11 बरी, 4 दोषी, बहुचर्चित जीवन गोदारा हत्याकांड में 12 साल बाद आया फैसला

नागौर जिले के डीडवाना की एक अदालत ने 12 साल बाद बुधवार को बहुचर्चित जीवन गोदारा हत्याकांड मामले में फैसला सुनाया है।
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Feb 28, 2018
jeevanram godara murder case

डीडवाना। नागौर जिले के डीडवाना की एक अदालत ने 12 साल बाद बुधवार को बहुचर्चित जीवन गोदारा हत्याकांड मामले में फैसला सुनाया है। मामले में न्यायाधीश प्रदीप कुमार मोदी ने फैसला सुनाते हुए आरोपी संजय पांडे, दातार सिंह,श्रीवल्लभ और पप्पूराम को दोषी ठहराया है। इसके अलावा आनन्दपाल सिंह के भाई मंजीत सिंह सहित 11 लोगों को कोर्ट ने सन्देह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। दोषियों को अब 5 मार्च को सजा सुनाई जाएगी। सुनवाई को देखते हुए कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।


आपको बता दें कि आरोप है कि गैंगस्टर आनन्दपाल सिंह और उसके साथियों ने 27 जून 2006 में डीडवाना में दिनदहाड़े भरे बाजार जीवनराम गोदारा ओर उसके साथियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी थी। इस फायरिंग में जीवन गोदारा के साथ हरफूल जाट की भी मौत हो गई थी, जबकि 3 लोग घायल हो गए थे। इस मामले में कुल 23 आरोपी बनाए गए थे।

गैंगस्टर आनंदपाल सिंह मुख्य आरोपी था, जिसका जून 2017 में हो एनकाउंटर हो चुका है। जबकि उसके खास साथी बलबीर बानूड़ा की बीकानेर जेल में हुई फायरिंग में हत्या हो चुकी है। जबकि एक अन्य आरोपी की भी मौत हो चुकी है। जबकि 2 आरोपी मफरुर घोषित है।

वहीं एक आरोपी को डिस्चार्ज कर दिया गया है। इस मामले में कुल 116 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके है। आरोप है कि इस मामले के मुख्य गवाह प्रमोद के बयान बदलवाने के लिए आनन्दपाल सिंह ने उसके भाई इंदरचंद का दिसम्बर 2014 में अपहरण करवा लिया था, लेकिन गवाहों के बयान नहीं बदलने पर 3 सितम्बर 2015 को आनन्दपाल सिंह पुलिस की कड़ी सुरक्षा को तोड़कर फरार हो गया था। बाद में पुलिस और एटीएस ने जून 2017 में आनंदपाल को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था।

Updated on:
28 Feb 2018 10:07 pm
Published on:
28 Feb 2018 06:49 pm