दिल्ली में उपचार के दौरान सेना के जवान खुमाराम जाणी के निधन के बाद शनिवार को उनके पैतृक गांव जोगीनाडा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगा यात्रा के साथ पहुंचे पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सेना के अधिकारी मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में "खुमाराम अमर रहे" के जयकारे गूंजते रहे।

नागौर। खींवसर क्षेत्र के कांटिया ग्राम पंचायत के जोगीनाडा गांव का माहौल शनिवार को भारत माता एवं शहीद खुमाराम अमर रहे के जयकारों से गूंज उठा। सेना के जवान खुमाराम जाणी की अंतिम यात्रा में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। जोगीनाडा निवासी खुमाराम दिल्ली में तैनात थे। सांस की तकलीफ के कारण उनका दिल्ली के आर्मी अस्पताल में उपचार चल रहा था। वहां शुक्रवार को उनका निधन हो गया। पार्थिव शरीर शनिवार सुबह खींवसर लाया गया। वहां से तिरंगा यात्रा के साथ पैतृक गांव जोगीनाडा पहुंचाया गया। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीण खुमाराम जाणी अमर रहे के नारे लगा रहे थे।
खींवसर से लेकर जोगीनाडा तक ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर जवान को सम्मान दिया। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। राजकीय सम्मान के साथ पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने खुमाराम के पुत्रों ललित और चंदन को तिरंगा सौंपा। इस भावुक क्षण में परिजनों सहित मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
एनएसयूआई प्रदेश महासचिव अनिल सारण ने बताया कि शहीद खुमाराम जाणी के भाई तिलोकराम भी सेना में जवान हैं। एक ही परिवार के दो भाइयों का देश की सेवा करना पूरे गांव के लिए गर्व की बात है। सहपाठी रहे सत्यनारायण मेघवाल ने बताया कि खुमाराम बचपन से ही देश की सेवा करना चाहते थे। उनमें देश सेवा के प्रति विशेष जुनून था। उन्होंने अपने जीवन को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित किया और गांव का नाम गौरवान्वित किया।
अंतिम यात्रा के दौरान विधायक रेवन्तराम डांगा, ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष भंवरराम गोदारा, पूर्व सरपंच सत्यनारायण, भूअभिलेख निरीक्षक हरखारामम डिडेल, भाजपा के मण्डल अध्यक्ष दिनेश गोदारा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य श्रीकृष्ण उपाध्याय, नारवा के जनप्रतिनिधि श्रवण सियाग, आर्मी कैप्टन लुम्बाराम छिरंग, भैराराम छिरंग, मेघाराम ज्याणी, मुन्नाराम मेघवाल, हरीश सारण सहित कई लोग मौजूद रहे। बड़ी संख्या में आसपास के गांवों से भी लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए और जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।