नागौर

Rajasthan Mandi Bhav: मंडी शुल्क ने लगाई रिकॉर्ड स्तर की छंलाग, कमाई में मूंग सबसे आगे, जानें जीरा-सरसों के भाव

Krishi Upaj Mandi News: कृषि उपज मंडी में पिछले तीन वर्षों में कारोबार में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मूंग, जीरा और सरसों जैसी फसलों की बढ़ती आवक से मंडी शुल्क में रिकॉर्ड इजाफा हुआ है।

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May 22, 2026
कृषि उपजमंडी में मूंग का बढ़ा कारोबार (फोटो: पत्रिका)

Record Hike In Mandi Fee: कृषि उपज मंडी में बीते तीन साल के दौरान कारोबार में तेजी से वृदि्ध हुई है। खासकर मूंग और जीरा जैसी फसलों की आवक मंडी में साल दर साल बढ़ रही है। कृषि जिंसों की खरीद और बिक्री बढ़ने से मंडी शुल्क में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2023-24 में जहां मंडी शुल्क 590.46 लाख रुपए रहा। वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 747.75 लाख रुपए पर पहुंच गया। इसके बाद वर्ष 2025-26 में मंडी शुल्क 864.82 लाख रुपए तक पहुंच गया। तीन वर्षों में करीब 274 लाख रुपए की बढ़ोतरी को मंडी कारोबार की बड़ी छलांग माना जा रहा है।

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मूंग बनी मंडी की सबसे बड़ी ताकत

मंडी में सबसे ताकत मूंग की आवक रह रही है। वर्ष 2025-26 में मूंग की आवक 10 लाख 81 हजार क्विंटल रही। कारोबारियों के अनुसार इस बार मूंग ने अकेले बाजार की रफ्तार बनाए रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। मूल्यांकन के लिहाज से भी मूंग अन्य जिंसों से आगे रहा। मंडी में सबसे ज्यादा खरीद-बिक्री और आर्थिक गतिविधि इसी फसल के आसपास केंद्रित दिखाई दी।

जीरा ने बढ़ाई बाजार की गर्मी

जीरा की बढ़ती आवक ने भी मंडी कारोबार को नई गति दी है। वर्ष 2023-24 में जहां करीब 69 हजार क्विंटल आवक दर्ज हुई। वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढकऱ 1.25 लाख क्विंटल तक पहुंच गई। व्यापारियों का कहना है कि बेहतर बाजार मांग और मजबूत भाव के कारण जीरा की खरीद-बिक्री लगातार बढ़ी। मंडी में जीरा कारोबार बढऩे से आढ़तियों और व्यापारियों दोनों को फायदा हुआ। लगातार बढ़ती आवक ने जीरा को मंडी की सबसे मजबूत कारोबारी जिंसों में शामिल कर दिया है।

सरसों मजबूत, सौंफ व ग्वार कमजोर

इस बार सरसों की आवक ने भी मंडी में बड़ा बदलाव दिखाया। वर्ष 2024-25 में जहां केवल 26 हजार क्विंटल आवक थी, वहीं अगले ही वर्ष यह बढकऱ 62 हजार क्विंटल से अधिक पहुंच गई। दूसरी ओर सौंफ का मूल्यांकन वर्ष 2023-24 में करीब 5180 लाख रुपए दर्ज हुआ, जो वर्ष 2025-26 में घटकर 2848 लाख रुपए रह गया। इसी तरह ग्वार में भी गिरावट दर्ज की गई।

कारोबार का संतुलन बदला

व्यापारी बनवारीलाल अग्रवाल, रामेश्वर सारस्वत व पवन का कहना है कि तीन वर्षों में मंडी कारोबार का पूरा संतुलन ही बदल गया है। अब मूंग और जीरा जैसी मजबूत जिंस मंडी की मुख्य ताकत बनकर उभरे हैं। इनसे नकदी प्रवाह और व्यापारिक गतिविधियों को बल मिला है। सौंफ और ग्वार जैसी जिंसों में मांग कमजोर रहने से कारोबार प्रभावित हुआ है।

व्यापार व किसानों दोनों हुए मजबूत

कृषि मंडी के कारोबार में मूंग की आवक से राजस्व में इजाफा हुआ है। तीन वर्षों की व्यापारिक गतिविधियों में इससे व्यापार एवं किसानों को मजबूती मिली है। इसके साथ ही काश्तकारों का मंडी के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।
रघुनाथराम सिंवर, सचिव, कृषि उपजमंडी नागौर

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Published on:
22 May 2026 11:28 am
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