कुचामनसिटी. शहर के निकटवर्ती प्रेमपुरा पंचायत के छापरी गांव में एक पीडि़त मिला है। चिकित्सकीय जांच में प्लेटलेट कम मिलने पर अंदेशा जताते हुए उसे जयपुर रेफर कर दिया गया। सरपंच उसे जयपुर लेकर गए। जहां एसएमएस हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है। सरपंच अंजू चौधरी का कहना है कि आश्चर्यजनक पहलू यह रहा कि ग्र
कुचामनसिटी. शहर के निकटवर्ती प्रेमपुरा पंचायत के छापरी गांव में एक पीडि़त मिला है। चिकित्सकीय जांच में प्लेटलेट कम मिलने पर अंदेशा जताते हुए उसे जयपुर रेफर कर दिया गया। सरपंच उसे जयपुर लेकर गए। जहां एसएमएस हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है। सरपंच अंजू चौधरी का कहना है कि आश्चर्यजनक पहलू यह रहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में मिले पीडि़त के घर एवं आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा कर्मियों का दल आज तक नहीं पहुंचा। इससे स्थिति का अंदाजा खुद-ब-खुद लगाया जा सकता है।
शहर के निकटवर्ती प्रेमपुरा पंचायत के छापरी गांव में १७ साल के कमलेश कुमार मेघवाल को भी सप्ताह भर पूर्व बुखार हुआ। उसे पहले कुचामन में निजी चिकित्सक को दिखाया गया। दवाओं से लाभ नहीं मिला तो उसे अजमेर लेकर गए। वहां पर भी जांच हुई, दवा दी गई। इसके बाद भी पीडि़त के स्वास्थ्य में सुधार नहीं तो फिर सीकर लेकर चले गए। सीकर में भी यही हाल रहा। अंतत: परिजन परेशान होकर रोगी सहित घर लौट आए। इसके बाद प्रेमपुरा सरपंच अंजू चौधरी जयपुर एसएमएस लेकर गई। जहां पर पीडि़त का उपचार चल रहा है।
जांच, न फागिंग, बेफिक्र
प्रेमपुरा पंचायत की सरपंच अंजू चौधरी ने बताया कि कमलेश कुमार मेघवाल को अजमेर एवं सीकर में जांच हुई तो स्वास्थ्य में सुधार होने की जगह लगातार प्लेटलेट कम होने की स्थिति में उसे जयपुर रेफर किए जाने पर वह उसे वहां लेकर चले गए। इसकी जानकारी उनकी ओर से ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय व उनसे जुड़े क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंचा दी गई। इसके बाद भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आज तक न तो, पीडि़त के घर के सदस्यों की चिकित्सकीय जांच हुई, और न ही, पीडि़त के घर के आसपास के क्षेत्रों में फागिंग कराने, अथवा अन्य कोई कारगर कदम उठाए गए। इससे क्षेत्र की स्थिति विकट होती नजर आने लगी है।