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Surat News: दानह आदिवासी कांग्रेस द्वारा सीली गांव में वार्षिक आदिवासी देवी-देव सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी धर्म, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने आदिवासी समाज की पहचान और अधिकारों को लेकर एकजुट रहने का आह्वान किया।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रभु टोकिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज को अपने हक और अस्तित्व की रक्षा के लिए संगठित होना होगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले तीन से चार महीनों में बड़े जन आंदोलन की तैयारी की जा रही है, जिसमें युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की गई।
हमारी संस्कृति, हमारी पहचान विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत गांव देव और पूर्वजों की पारंपरिक पूजा विधि से हुई। आदिवासी भगत दिलीप गुगसा और सुरेश वलवी ने विधिवत पूजा संपन्न कराई। इसके बाद ग्रामीण बालिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सभा में वाघरी देव, दपन देव, भूरन देव, वागडिया देव और बरम देव सहित विभिन्न आदिवासी देवी-देवताओं की लोक कथाओं, परंपराओं और पूजा पद्धति पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने आदिवासी इतिहास, जीवन शैली और संस्कृति पर भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज का संघर्ष हमेशा जंगल, जमीन और जल के अधिकारों के लिए है। विकास के नाम पर आदिवासियों के शोषण का आरोप भी लगाया गया। संविधान में मिले अधिकारों और प्रदेश की विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा हुई।इस दौरान आदिवासी बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और तुर-तारपा की धुन पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में किलवनी पंचायत की सरपंच प्रमिला बेन, जिला सदस्य अमृत वरथा, उप सरपंच अजित भाई सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम प्रदेश की 26 पंचायतों और 71 गांवों में आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक भोजन के साथ हुआ।
Published on:
28 May 2026 07:02 pm
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