एलपीजी और गैस किल्लत ने सूरत की मशहूर टेक्सटाइल और वीविंग इंडस्ट्री को भी बड़ा झटका दिया है। करीब 30% मजदूर, यानी लगभग 3 लाख कारीगर पलायन कर चुके हैं। उत्पादन 6.5 करोड़ मीटर प्रतिदिन से घटकर 4.5 करोड़ मीटर रह गया है। इंडस्ट्री को लगभग 15,000 गैस सिलेंडर की जरूरत है, लेकिन सप्लाई बाधित है। उद्योग जगत का कहना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो और मजदूर पलायन कर सकते हैं और उत्पादन में और गिरावट आ सकती है।