
नागौर. ऑपरेशन नशा मुक्त नागौर के तहत नागौर पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह में एमडीएमए बनाने वाली दूसरी फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। 10 अगस्त को दीप कॉलोनी में पकड़ी गई फैक्टरी के आरोपी महावीर की निशानदेही पर पुलिस ने जोधपुर रोड स्थित एक किराए के मकान में चल रही एमडीएमए बनाने की एक और फैक्टरी पकड़ी। यहां से पुलिस ने बड़ी मात्रा में तैयार व कच्चा माल पकड़ा है।
शुक्रवार शाम को पत्रकारों को जानकारी देते हुए एएसपी आशाराम चौधरी ने बताया कि फैक्टरी से 5.418 किलो तैयार एमडीएमए, 2.744 किलो केमिकल, 24 प्रकार के विभिन्न केमिकल करीब 210 लीटर और एमडीएमए बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीन व अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बरामद सामग्री का अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य 100 करोड़ रुपए से अधिक बताया है। यह कार्रवाई अजमेर रेंज आईजी डॉ. रवि के निर्देशन और एएसपी नागौर आशाराम चौधरी के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में मूंडवा थानाधिकारी देवीलाल विश्नोई और डीएसटी टीम की मुख्य भूमिका रही।
दीप कॉलोनी की फैक्टरी से खुला राज
पुलिस के अनुसार 10 अगस्त को दीप कॉलोनी में एमडीएमए बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई थी। वहां से करीब 20 करोड़ रुपए मूल्य की एमडीएमए बनाने की सामग्री बरामद कर लूणसरा हाल दीप कॉलोनी नागौर निवासी महावीर (28) पुत्र हनुमान जाट को गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच कर रहे मूण्डवा थानाधिकारी देवीलाल विश्नोई की पूछताछ और अनुसंधान के दौरान महावीर की निशानदेही पर जोधपुर रोड स्थित किराए के मकान की जानकारी मिली। तकनीकी अनुसंधान और अन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस ने यहां दबिश देकर एमडीएमए बनाने की बड़ी फैक्टरी का खुलासा किया।
ऑनलाइन मंगवाई बुक, नेवी जॉइन कर छोड़ी
पुलिस के अनुसार आरोपी ने दिसम्बर 2025 और जनवरी 2026 में एमडीएमए बनाने का प्रयास शुरू किया था, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली। इसके बाद फरवरी माह में उसने नेवी को जॉइन किया और ऑनलाइन बुक मंगवाकर एमडी बनाने की विधि का पूर्ण अध्ययन किया। इसके बाद फरवरी में ही नेवी से भगौड़ा होकर वापस एमडीएमए निर्माण कार्य शुरू किया। पुलिस का कहना है कि दीप कॉलोनी से एमडीएमए तैयार कर सप्लाई किया जाता था, जबकि मुख्य रूप से जोधपुर रोड स्थित किराए के मकान में इसका निर्माण किया जा रहा था।
किराए के मकान का पता किसी को नहीं बताता था
पुलिस के अनुसार आरोपी ने जोधपुर रोड स्थित किराए के मकान का पता बेहद गोपनीय रखा था। वह अपने अलावा किसी अन्य व्यक्ति को मकान का पता नहीं बताता था। जांच में उसके अंतरराज्यीय कनेक्शन भी सामने आए हैं। पुलिस को आरोपी के पास करीब 10 से 12 मोबाइल सिम कार्ड होने की जानकारी मिली है। वह एक सिम का इस्तेमाल लंबे समय तक नहीं करता था। फरारी के दौरान उसके अलग-अलग राज्यों में करीब 10-10 दिन रुकने की बात भी सामने आई है। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
मशीन, केमिकल और बड़ी मात्रा में उपकरण जब्त
पुलिस ने जोधपुर रोड स्थित मकान से 5.418 किलो अवैध एमडीएमए और इसे बनाने में प्रयुक्त 2.744 किलो केमिकल बरामद किया गया। इसके अलावा 24 प्रकार के विभिन्न केमिकल करीब 210 लीटर, एमडीएमए बनाने की मशीन, तीन थर्मामीटर, दो सेंट्रीफ्यूज फनल, एक मैग्नेटिक स्टेयर, दो पीएच मीटर, प्लास्टिक ग्लास थर्मामीटर, पानी पंप मोटर मशीन, तीन मिक्सिंग ग्लास बीकर और चार पारदर्शी कांच के जार बरामद किए गए। इसके साथ पुलिस ने 34 प्लास्टिक की कड़ाहियां और 10 बड़ी प्लेटें भी जब्त की हैं। इसके अलावा केमिकल एक्स्ट्रेक्शन मशीन, हाइड्रोजन पेरोक्साइड सॉल्यूशन की 32 बोतल सहित एमडीएमए निर्माण में इस्तेमाल होने वाले केमिकल व करीब 100 जोड़ी अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
नशे के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
एक सप्ताह के भीतर दो एमडीएमए फैक्टरियां पकड़े जाने के बाद पुलिस अब इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की जांच में जुटी है। पुलिस अंतरराज्यीय कनेक्शन, एमडीएमए की सप्लाई और आरोपी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अनुसंधान के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई करने वाली टीम में मूंडवा थानाधिकारी देवीलाल विश्नोई, डीएसटी प्रभारी सुरेश कस्वां, एएसआई ओमप्राकश व उम्मेदसिंह सहित थाना मूण्डवा और कुचेरा के पुलिसकर्मी शामिल रहे।