डीजीपी व अजमेर रेंज आईजी को शिकायत के बाद प्रशिक्षु आईपीएस को सौंपी जांच, कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
नागौर. जिला मुख्यालय पर दो दिन पूर्व एक हिस्ट्रीशीटर का एनडीपीएस एक्ट के मामले में नाम निकालने को लेकर लेनदेन के आरोपों से घिरी डीएसटी की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाने वाला एक और गंभीर मामला सामने आया है। हालांकि प्रकरण करीब एक माह पुराना है, जिसकी शिकायत डीजीपी तक होने के बाद नागौर के प्रशिक्षु आईपीएस जतिन जैन को जांच सौंपी है। आईपीएस जैन ने परिवादी सहित संबंधित अधिकारियों के बयान लिए हैं। सूत्रों के अनुसार इस मामले में पुलिस के कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। फिलहाल जांच जारी है। यदि इस मामले में भी लीपापोती हुई, तो सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का स्पष्ट संदेश आमजन में जा सकता है।
यह है मामला
जिले में अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पहले भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो चुके हैं। अब जो मामला सामने आया है, उसने पूरी टीम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डीजीपी व आईजी को शिकायत
शिकायतकर्ता पुंदलू निवासी सुरेन्द्र बेड़ा ने राजस्थान पुलिस के डीजीपी व अजमेर रेंज आईजी को शिकायत भेजकर बताया कि गत 11-12 मार्च की रात डीएसटी टीम ने अवैध बजरी से भरे 8 ट्रकों को पकड़ा और कथित रूप से बिना कार्रवाई किए छोड़ दिया।
घटना सीसी टीवी कैमरों में कैद
बेड़ा ने अधिकारियों लाम्पोलाई से डेगाना की ओर जाने वाले हाइवे पर ईडवा गांव के पास स्थित एक पेट्रोल पम्प के सीसी टीवी कैमरों में कैद हुए फुटेज भी अधिकारियों को उपलब्ध करवाए, जिसमें एक के बाद एक करके आठ ट्रक और डम्पर हाइवे से निकल रहे हैं और उनके आगे-पीछे पुलिस की गाडि़यां चल रही हैं।
ट्रक को छुडवाया
शिकायतकर्ता के अनुसार, रियां बड़ी क्षेत्र की खानों से बिना ई-रवन्ना बजरी भरकर जा रहे ट्रकों को डीएसटी टीम ने पकड़ा था। इतना ही नहीं, इन वाहनों को पुलिस निगरानी में थाने ले जाया जा रहा था, लेकिन सुबह होते-होते ये सभी ट्रक डेगाना थाने से उच्चाधिकारियों के प्रभाव में छुड़वा दिए गए। बेड़ा ने पत्रिका को बताया कि पहले तो उन्होंने इसकी जानकारी जिले के अधिकारियों को दी, लेकिन जब कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी। गुरुवार को बेड़ा ने जांच अधिकारी के समक्ष अपने बयान दर्ज करवाए।
कार्रवाई पर उठते सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पुलिस ने खुद कार्रवाई करते हुए ट्रकों को पकड़ा, तो फिर किस दबाव या मिलीभगत में उन्हें छोड़ागया? क्या यह कार्रवाई केवल दिखावे के लिए थी? अगर सीसीटीवी फुटेज में पूरी प्रक्रिया दर्ज है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
जांच चल रही है
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अवैध बजरी से भरी गाडि़यांछोड़ने को लेकर की गई शिकायत पर जांच चल रही है, जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कह सकेंगे।
- जतिन जैन, प्रशिक्षु आईपीएस, नागौर