
- मोबाइल से ली जाएगी श्रमिकों की उपस्थिति
- समय की बचत के साथ कागजी कार्यों में आएगी कमी
- प्रथम चरण में पंचायत समिति की पांच ग्राम पंचायतों में होगा लागू
प्रदेशभर में नरेगा फर्जीवाड़े की मिल रही शिकायतों व नरेगा योजना में हो रहे फर्जीवाड़े रोकने के लिए सरकार ने एमएमएस सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर सरकार पंचायत राज विभाग के ईजीएस आयुक्त अभिषेक भगोतिया ने प्रदेशभर के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को आदेश जारी कर मनरेगा योजना में पारदर्शिता लाने के लिए आगामी 13 अगस्त से मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं। जानकारों की माने तो एमएमएस व्यवस्था लागू होने से मस्टररोल में पारदर्शिता, नरेगा उपस्थिति का ऑनलाइन रिकॉर्ड, डेटा एन्ट्री में लगने वाले समय की बचत, कागजी रिकॉर्ड में कमी सहित श्रमिकों के भुगतान का कार्य शीघ्रता से होगा तथा नरेगा फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।
यह होगा सिस्टम
प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रगतिरत कार्यों पर लगाए गए मेट के मोबाइल का रजिस्टे्रशन नरेगा सॉफ्ट के पीओ लॉगिन से किया जाएगा। रजिस्टे्रशन के बाद मेट द्वारा प्रतिदिन प्रात: 11 बजे से पहले श्रमिकों की उपस्थिति एवं कार्यस्थल का फोटो एमएमएस एप के माध्यम से लेकर मनरेगा सॉफ्टवेयर पर प्रतिदिन अपलोड किया जाएगा। वहीं एमएमएस के माध्यम से श्रमिकों की उपस्थिति पखवाड़े के मध्य से प्रारंभ नहीं की जाएगी। पखवाड़ा प्रारम्भ दिनांक से समाप्ति दिनांक तक प्रतिदिन एमएमएस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जाएगी। पंचायत समिति में कम से कम 5 ग्राम पंचायतों में 13 अगस्त से एमएमएस के माध्यम से उपस्थिति लेने का कार्य शुरू किया जाएगा।
पंाच ग्राम पंचायतों का होगा चयन
योजना के प्रथम चरण में प्रदेश की प्रत्येक पंचायत समिति में पांच-पांच ग्राम पंचायतों का चयन किया जाएगा। यहां विधिवत तरीके एमएमएस सिस्टम लागू किया जाएगा, बाद में धीरे-धीरे सभी पंचायतों में यह व्यवस्था लागू होगी। खींवसर, नागौर नहीं बल्कि प्रदेशभ में नरेगा में फर्जीवाड़े पर बड़े पैमाने पर जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक शिकायतें पहुंच रही थी। जिसे लेकर सरकार ने गड़बड़ झाले पर नकेल कसने के लिए यह व्यवस्था लागू की है। योजना के तहत पूर्व में मेटों का रजिस्टे्रशन किया जाएगा।
कर रहे गांवों का चयन
मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा पंचायत समिति की पांच पंचायतों में मनरेगा योजना में एमएमस सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए गांवों के चयन करने की तैयारी चल रही है। शीघ्र ही इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा
- वेदप्रकाश शर्मा, विकास अधिकारी, खींवसर