जाजोलाई में गौसुलवरा कान्फ्रेंस में उमड़े लोग
नागौर. इल्म रोशनी है। इसके बिना जिदंगी अंधकारमय रहती है। इस्लाम के अनुसार इल्म हासिल करना प्रत्येक महिला -पुरुष के लिए जरूरी है। यह बात जाजोलाई स्थित दारूल उलूम फैजाने अशफाक के सालाना जलसा (गौसुलवरा कान्फ्रेंस) में इशां की नमाज के बाद हुई तकरीर कार्यक्रम में मिस्र की अल अजहरिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शेख मुफ्ती अब्दुल रहमान ने कही।
उन्होंने इल्म (शिक्षा) का महत्व को बताते हुए कहा कि अदब व अनुशासन इल्म की चाबी है। इसके बिना कामयाबी नहीं मिल सकती। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने मां, बाप, बच्चे, उस्तादों का अदब करे। कार्यक्रम में अब्दुल रशिद दाऊदी, मुफ्ती फजलूर्रहमान, सईद कश्मीरी ने तकरीर पेश की। यूपी के रही बस्तवी, पाली के कारी शरीफ ने नात पढ़ी। कान्फ्रेंस के मौके पर जुमे की नमाज के बाद हुए कार्यक्रम में औलमाओं ने तकरीर की तथा दुआ करवाई। अस्र की नमाज के बाद गौसे आजम के मुए मुबारक (बाल) व तबुरुकात की जियारत करवाई गई। मगरीब की नमाज के बाद लंगर ए गौसिया का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के अंत में तोशा (शिरनी) व लौंग बांटे गए। हजरत सूफी अब्दुल वाहीद ने मुल्क में अमन की दुआ करवाई।
समाज सुधार के लिए शिक्षा जरूरी
मुफ्ती ए आजम राजस्थान शेर मोहम्मद ने कहा कि कौम व समाज की तरक्की शिक्षा के बिना संभव नहीं। आज के समय में शिक्षा बहद जरूरी है। हमें हर हाल में शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। इस्लाम प्यार , मोहब्बत व भाईचारा का पैगाम देता है। उन्होंने शादियों में होने वाली फिजूल खर्ची रोकने व कुरुतियों को खत्म करने पर जोर दिया।
पड़ोसियों का ख्याल रखें
बासनी के मुफ्ती वली मोहम्मद ने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद ने फरमाया है कि सबसे अच्छा इंसान वह है जो दूसरे इंसान को फायदा पहुंचाए।
बांटी डिग्रियां
सालाना जलसे के मौके पर दारूल उलूम में अपनी पढ़ाई पुरी कर चुके111 बच्चों को डिग्रियां बांटी गई। जलसे में देशभर से लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में दुआ करवाई गई।