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गांवों के साथ शहर में भी पेयजल किल्लत, गर्मी में बिगड़ रही जलापूर्ति व्यवस्था

महिलाएं बोली - पाणी कठूं लावां, धक्का खाता फिर रिया हां... पीड़ा बनकर गूंज रही पुकार, कई इलाकों में सूखी टोंटियां, कहीं टैंकरों से मंगवा रहे पानी

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लोग टैंकरों से पानी मंगवाने को मजबूर

लोग टैंकरों से पानी मंगवाने को मजबूर

नागौर. भीषण गर्मी शुरू होते ही नागौर जिले में पेयजल संकट गहराने लगा है। गांवों के साथ अब शहर में भी लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। शहर के कई मोहल्लों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने से लोग महंगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी मंगवा रहे है, जबकि कुछ क्षेत्रों में लोगों को दो बाल्टी पानी भी मुश्किल से मिल पा रहा है। जलदाय विभाग की ओर से उचित प्रबंधन नहीं करने से आमजन में नाराजगी बढ़ने लगी है।

शहर में इन दिनों सुबह से ही पानी भरने के लिए लोगों की कतारें लग जाती हैं। कई मोहल्लों में महिलाएं बर्तन लेकर घंटों इंतजार करती नजर आती हैं। जलापूर्ति के दौरान पानी का प्रेशर इतना कम रहता है कि आधे घंटे की सप्लाई में चार-पांच बाल्टी पानी ही भर पाता है। ऐसे में लोगों को रोजमर्रा के कामकाज के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

आमजन विभागीय दावों से सहमत नहीं

जलदाय विभाग के अधिकारियों का दावा है कि शहर में पानी की मात्रा पहले जितनी ही दी जा रही है, लेकिन आमजन इस दावे से सहमत नहीं हैं। लोगों का कहना है कि सप्लाई का समय कम होने और प्रेशर घटने से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। शहर के बाजरवाड़ा, मिरासियों का मोहल्ला, शीतला माता मंदिर, हाउसिंग बोर्ड, राजपूत कॉलोनी, श्रीराम कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा खराब बनी हुई है।

टैंकर संचालक काट रहे चांदी

हालात का फायदा निजी टैंकर संचालक उठा रहे हैं। शहर में पानी के टैंकर भरने और सप्लाई करने वाले लोगों की इन दिनों चांदी हो रही है। जरूरतमंद परिवारों को महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है। कई इलाकों में हर सप्ताह टैंकर मंगवाने की नौबत आ गई है। लोगों का कहना है कि पानी के संकट के कारण घरेलू बजट भी बिगड़ने लगा है।

शहरवासियों की पीड़ा

बाजरवाड़ा क्षेत्र में बुजुर्ग महिला हसीना ने बताय कि उनके मोहल्ले में पिछले एक महीने से पानी की समस्या है। ‘महीना भर होग्या, पाणीखातर धक्का खातां फिर रियां हां, अब कठूं लावां।’ स्थानीय महिला गुलशन ने बताया कि गर्मी शुरू होते ही मिरासियों के मोहल्ले में पानी की समस्या शुरू हो जाती है। सर्दी में खूब पानी आता है, लेकिन गर्मी में एक-एक बाल्टी के लिए भटकना पड़ता है। कोई सुनवाई नहीं हो रही।

इकबाल मिरासी ने बताया मोहल्ले की महिलाएं पानी के लिए दूर-दूर तक भटकती रहती है, पानी का बिल सालभर का भरते हैं, लेकिन गर्मियों में पानी नहीं आता। जयनारायण व्यास कॉलोनी निवासी भोजराज सारस्वत ने बताया कि अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद कॉलोनी में पिछले काफी दिनों से पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है।

गांवों में हालात खराब

गांवों में हालात इससे भी ज्यादा खराब हैं, पानी की सप्लाई पांच से सात दिन बाद हो रही है। कई जगह तो नहरबंदी के बाद सप्लाई बंद सी हो गई है। ग्रामीण शिकायत करके थक चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार सुनवाई नहीं कर रहे हैं।

पानी-बिजली संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा

भीषण गर्मी के बीच शहर में पानी और बिजली की समस्याओं को लेकर लोगों का आक्रोश बढ़ने लगा है। वार्ड संख्या 1 सहित बीकानेर रोड और डीगवाना बाईपास क्षेत्र के लोगों ने जलदाय विभाग और डिस्कॉम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की।

जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता श्रवण सिंह खिड़िया को दिए ज्ञापन में लोगों ने बताया कि महादेव नगर, सुंदरम सिटी, आासन कॉलोनी, शास्त्री नगर, सालासर नगर और हीरा नगर सहित कई क्षेत्रों में लंबे समय से जलापूर्ति बाधित है। राजपूत कॉलोनी से चूड़ी फैक्ट्री होते हुए सालासर नगर तक डाली जा रही नई पाइपलाइन पिछले एक माह से खुदी पड़ी है, लेकिन अब तक उसे जोड़ा नहीं गया। इसके कारण कई कॉलोनियों में नियमित पानी नहीं पहुंच रहा।