
नागौर. जिला मुख्यालय के श्री बीआर मिर्धा महाविद्यालय एवं माडीबाई महिला महाविद्यालय में हर वर्ष जहां प्रवेश के लिए छात्रों की कतार लगती थी, वहीं इस बार प्रथम वर्ष में प्रवेश की अंतिम तिथि के दो दिन बचे हैं, इसके बावजूद जितनी सीटें हैं, उससे भी कम आवेदन भरे गए हैं। कारण चाहे कुछ भी हो, लेकिन यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवेदन की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई तो उन सभी विद्यार्थियों का कॉलेज में प्रवेश हो जाएगा, जिन्होंने आवेदन किया है, चाहे उनके 12वीं में कितने ही अंक क्यों न हो।
1240 सीटों पर 785 आवेदन
गौरतलब है कि बीआर मिर्धा महाविद्यालय एवं महिला महाविद्यालय में हर वर्ष प्रथम वर्ष में सीटों की तुलना में आवेदन अधिक भरे जाने के कारण चयन सूची की मेरिट 70 प्रतिशत से भी ऊंची रहती है तथा सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित रह जाते हैं, जिन्हें बाद में प्राइवेट विद्यार्थी के रूप में आवेदन भरकर परीक्षा देनी पड़ती है। लेकिन इस बार 18 जून तक जमा हुए आवेदनों की संख्या पर नजर डालें तो स्थिति बिल्कुल उलट है। मिर्धा महाविद्यालय में जहां विभिन्न संकायों में कुल 1240 सीटें हैं, उनकी तुलना में अब तक मात्र 785 आवेदन ही भरे गए हैं। यानी साढ़े 400 से अधिक आवेदन सीटों से भी कम भरे गए हैं। महिला महाविद्यालय की स्थिति इससे भी बुरी है, यहां 230 सीटों की तुलना में मात्र 127 आवेदन ही भरे गए हैं।
ये हो सकते हैं तीन बड़े कारण
अजमेर के एमडीएस विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों में पिछले 6 जून से ऑनलाइन आवेदन भरे जा रहे हैं, 13 दिन बीतने के बावजूद जिला मुख्यालय के दोनों सरकारी महाविद्यालयों में उम्मीद से कम आवेदन आने के तीन बड़े कारण सामने आ रहे हैं। पहला, ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले ज्यादातर विद्यार्थियों के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं हैं और न ही उनके जाति प्रमाण पत्र 12 दिन से नागौर एसडीएम कार्यालय में बन रहे हैं, जिसके कारण विद्यार्थी आवेदन नहीं भर पा रहे हैं। दूसरा बड़ा कारण इस बार लागू की गई एसएसओ आईडी है, ऑनलाइन आवेदन भरते समय विद्यार्थी को एसएसओ आईडी बनवानी पड़ती है, जिसमें विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीसरा कारण सरकार महाविद्यालयों में रिक्त पड़े व्याख्याताओं के पद हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय की वेबसाइट धीमी गति से चलने तथा विद्यार्थियों की उदासीनता भी वजह है।
इधर छात्रों ने सौंपा ज्ञापन
बीआर मिर्धा महाविद्यालय के छात्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर एबीवीपी पदाधिकारियों के नेतृत्व में कलक्टर के नाम एसीएम को ज्ञापन सौंपा। छात्र नेता तेजपाल पोटलिया, विजेन्द्र भादू, मुकेश जाखड़, मोहन मांझू, रविन्द्र तरड़ आदि के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में छात्रों ने प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के एसडीएम कार्यालय में लम्बित पड़े जाति प्रमाण पत्र अप्रुव कराने की मांग प्रमुख से रखी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश में 5 प्रतिशत छूट देने, कॉलेज के नियमित विद्यार्थियों को रोडवेज में नि:शुल्क यात्रा का पास जारी करने, कॉलेज विद्यार्थियों को छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराने तथा कॉलेज में प्रोफेशनल कोर्स शुरू कराने की मांग की।
हां, कम आए हैं आवेदन
हां, इस बार गत वर्ष की तुलना में प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए आवेदन कम भरे गए हैं। हालांकि अंतिम तिथि में अभी दो दिन शेष हैं, उम्मीद है जितनी सीटें हैं, उतने आवेदन जमा हो जाएंगे। विद्यार्थियों को आवेदन करने में कुछ परेशानियां आई हैं, जिनका समाधान कराने का प्रयास कर रहे हैं।
डॉ. शंकरलाल जाखड़, कार्य- वाहक प्राचार्य, मिर्धा कॉलेज, नागौर