पिछले पांच वर्ष में चोरी के 1674, नकबजनी के 549, लूट के 18 प्रकरणों में बिना खुलासा दी एफआर, सबसे अधिक प्रकरण चोरी के, मामला दर्ज करने के बाद ठंडे बस्ते में डाल देते हैं फाइल
नागौर. जिले में चोरी व नकबजनी के प्रकरणों में ठोस कार्रवाई नहीं होने से ऐसे अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिले में पिछले पांच वर्षों (1 जनवरी 2019 से 31 दिसम्बर 2023 तक) में नागौर जिले के पुलिस थानों में दर्ज हुए चोरी, नकबजनी, लूट व डकैती के कुल 2262 मामलों का खुलासा नहीं हो पाया है। गंभीर बात यह है कि इनमें चोरी के 1674, नकबजनी के 549, लूट के 18 सहित कुल 2241 प्रकरणों में बिना खुलासा किए पुलिस ने एफआर दे दी। खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल की ओर से जनवरी में आयोजित हुए विधानसभा सत्र के दौरान लगाए गए प्रश्न के जवाब में मिली जानकारी के अनुसार नागौर जिले के पुलिस थानों में चोरी के 1684, नकबजनी के 556, लूट के 20 तथा डकैती के 2 प्रकरणों सहित कुल 2262 ऐसे प्रकरण हैं, जिनका खुलासा नहीं हो पाया। विधायक के यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार नागौर जिले में खुलासे से वंचित चोरी, डकैती, लूट व नकबजनी के मामलों के जल्द से जल्द खुलासे के लिए विशेष टीम का गठन करने का विचार रखती है। इस प्रश्न के जवाब में ग्रह विभाग ने बताया कि नागौर में समय-समय पर टीम गठित कर सम्पत्ति संबंधी अपराधों डकैती, लूट, नकबजनी व चोरी के खुलासे व पैंडिंग रहे प्रकरणों में माल बरामदगी व मुलजिमानों की पतारसी की जा रही है।
थाने वार चोरी के अनसुलझे मामले
कोतवाली - 604
सदर - 50
पांचौड़ी - 26
खींवसर - 62
श्रीबालाजी - 34
भावण्डा - 20
मूण्डवा - 24
कुचेरा - 74
मेड़ता सिटी - 323
मेड़ता रोड - 53
गोटन - 71
जायल - 24
खाटू बड़ी - 31
सुरपालिया - 11
रोल - 27
डेगाना - 103
पादूकलां - 75
थांवला - 70
आए दिन होती है बाइक चोरी
चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस के लचर रवैये के चलते चोरों के हौसले बुलंद हैं। नागौर जिला मुख्यालय सहित जिले में जगह-जगह आए दिन बाइक चोरी के साथ अन्य चोरियां होती हैं। कई बार चोरी के बड़े मामलों का भी खुलासा नहीं हो पाता है।
मामले खुलने के कई कारण होते हैं
प्रकरणों का खुलासा नहीं होने के पीछे कई कारण होते हैं, कई बार समय नहीं मिल पाता है। चोरी के मामले काफी प्रयास करने के बावजूद सुराग नहीं मिलने के कारण नहीं खुल पाते हैं।
- नारायण टोगस, पुलिस अधीक्षक, नागौर