नागौर

नागौर के जेएलएन राजकीय जिला अस्पताल में एक भी सोनोलॉजिस्ट नहीं, सोनोग्राफी जांच पर ‘ताला’

मेडिकल कॉलेज स्तर का जिला अस्पताल, फिर भी निराश होकर लौट रहे मरीज , सीटी स्केन के बाद सोनोग्राफी जांच भी हुई बंद, जिम्मेदारों की अनदेखी से चिकित्सा सुविधाएं दरकिनार

2 min read
Mar 28, 2026
JLN Hospital Nagaur

नागौर. राजकीय जवाहरलाल नेहरू जिला अस्पताल में पिछले चार दिन से एक भी सोनोलॉजिस्ट व रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। इसके कारण अस्पताल और एमसीएच विंग में रोजाना होने वाली 50 से 60 सोनोग्राफी जांचें बंद हैं, जिन मरीजों को पिछले दिनों तारीख दी हुई थी, वे मरीज भी दूर-दराज के गांवों से दुबारा आकर यहां से निराश लौट रहे हैं।

गौरतलब है कि जेएलएन अस्पताल में तीन सोनोलॉॅजिस्टडाॅ. विष्णु, डॉ. शारदा और डॉ. महिपाल सेवाएं दे रहे थे। इनमें एक की एमसीएच विंग में तथा दो जेएलएन अस्पताल में रोटेशन में ड्यूटी दे रहे थे। गत दिनों तीनों का एक साथ पीजी में चयन होने के कारण उन्हें चार दिन पहले रिलीव कर दिया गया। अब दोनों अस्पतालों में एक भी सोनोलॉजिस्ट नहीं है, ऐसे में जिला अस्पताल में सोनोग्राफी की जांच बंद हो गई । मरीजों को बाहर एक सोनोग्राफी जांच के बदले 800 से 1200 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं।

अपनी पीड़ा बताता धवा गांव से आया विशालसिंह

कर्मचारी का घिनौना मजाक

जेएलएन अस्पताल में पिछले तीन-चार दिन से एक भी सोनोलॉजिस्ट नहीं है। इस कारण सोनोग्राफी नहीं हो रही । इसके बावजूद जब मरीज यहां सोनोग्राफी करवाने जाते हैं तो कार्यरत कर्मचारी उन्हें आगे की तारीख देकर रवाना कर देता है। इसके कारण मरीज 700-800 रुपए बचाने के चक्कर में गांव से किराया-भाड़ा लगाकर वापस जांच करवाने आते हैं, लेकिन सोनोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट ही नहीं है तो मरीज को परेशान होने के अलावा कुछ नहीं मिलेता। यह सब जानते हुए भी कर्मचारी मरीजों को आगे की तारीख दे रहा है।

सूत्रों के अनुसार नया सोनोलॉजिस्ट कब आएगा, इस बारे में कुछ भी कहना असंभव है। यदि एक सोनोलाॅजिस्ट आ भी गया तो इतने दिन का बैकलॉग पूरा करने में उसे महीनों लगेंगे, इसलिए सरकार को जल्द से जल्द यहां तीन - चार सोनोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट लगाने चाहिए।

मरीजों की पीड़ा - काफी दूर से आने के बाद भी उपचार नहीं

बसवाणी से सोनोग्राफी करवाने आए महेन्द्रसिंह ने बताया कि जिला मुख्यालय के सरकारी अस्पताल में सोनोलॉजिस्ट नहीं होने से आम मरीज जांच कराने कहां जाएगा। सरकार को जल्द सोनोलॉजिस्ट व रेडियोलॉजिस्ट लगाने चाहिए। जमना मुण्डेल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद चिकित्सा सुविधाएं बढ़नी चाहिए, वहां बिगड़ रही हैं। ऐसे हालात पहले कभी नहीं हुए। बड़ीखाटू के पप्पूराम ने बताया कि वह 70 किलोमीटर दूर से चलकर आया है, लेकिन यहां आने पर बताया कि सोनोग्राफी करने वाले डॉक्टर नहीं है। एक आम आदमी के लिए इतनी दूर से आना और फिर बिना जांच व उपचार के जाना कितना महंगा पड़ता है, जिम्मेदारों को इसका अंदाजा नहीं है।

धवा गांव से 60 किलोमीटर किराया लगाकर अपने बेटे पदमसिंह को लेकर आए विशालसिंह ने बताया कि वह पहले 23 मार्च को यहां आया था, तब डॉक्टर ने सोनोग्राफी जांच लिखी। जब जांच कराने सोनोग्राफी कक्ष पर गया तो कर्मचारी ने 28 मार्च की तारीख दे दी। आज वापस आए तो बोल रहे हैं कि डॉक्टर की बदली हो गई। इलाज के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है।

तीनों का पीजी में चयन

हमारे पास तीन सोनोलॉजिस्ट थे, उनका पीजी के लिए चयन हो गया। इस कारण जेएलएन अस्पताल में अब एक भी सोनोलॉजिस्ट नहीं है, जिसको लेकर मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।

- डॉ. आरके अग्रवाल, पीएमओ, जेएलएन राजकीय जिला अस्पताल, नागौर

Updated on:
28 Mar 2026 10:07 pm
Published on:
28 Mar 2026 10:06 pm
Also Read
View All

अगली खबर