राजस्थान के नागौर शहर में शहर में बेतरतीब खड़े ठेले बीते दिनों की बात हो जाएगी। बनेंगे आठ वेंडिग जोन, करीब 800 का पंजीयन, पहचान पत्र जारी।
धर्मेन्द्र गौड़ @ नागौर. आगामी कुछ दिनों बाद शहर में बेतरतीब खड़े ठेले बीते दिनों की बात हो जाएगी। फल, सब्जी, पानी-पूरी, चाट व अन्य सामग्री बेचने वाले ठेला चालक एक निर्धारित स्थान पर नजर आएंगे। दीनदयाल अन्त्योदय योजना-शहरी आजीविका कौशल मिशन (डे-नूलम) के तहत स्ट्रीट वेंडर्स का क्षमतावद्र्धन करते हुए लघु व्यवसाय में सहयोग देने व वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाकर सामाजिक सुरक्षा दिए जाने का कार्य किया जा रहा है।
कमेटी ने दी हरी झण्डी
शहर में स्ट्रीट वेंडर्स के लघु व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए नगर परिषद स्थित डे-नूलम शाखा में पंजीयन किया जा रहा है। इसके लिए मुख्य स्वच्छता निरीक्षक नरेन्द्र सिंह चौधरी की अध्यक्षता में गठित नगर परिषद की टाउन वेंडिंग कमेटी ने 14 फरवरी को आयोजित बैठक में शहर में आठ स्थानों का चयन वेंडिंग जोन के रूप में किया है। इनमें फकीरों का चौक, पुराना बस स्टैण्ड, इंदिरा फू्रट मार्केट, सूफी साहब की दरगाह, कुम्हारी दरवाजा, मुलमुलों का चौक,नया दरवाजा के अंदर व बाहर, माही दरवाजा के बाहर आठ वेंडिंग जोन होंगे।
यहां पर रहेगी पाबंदी
शहर के गांधी चौक, तहसील चौक, गांधी चौक से ए व बी रोड से पेट्रोल पम्प तक, नकास गेट से सुगनसिंह सर्किल से कृषि मंडी तक,कलक्ट्रेट से मानासर चौराहा व रेलवे स्टेशन के बाहर का क्षेत्र नॉन वेंडिंग जोन घोषित किया गया है। इन स्थानों पर ठेलों का संचालन नहीं किया जाएगा। नगर परिषद की ओर से स्ट्रीट वेंडर्स का सर्वे किया जाकर 700 लोगोंं का पंजीयन कर 350 को पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। जिन वेंडर्स ने पहचान पत्र नहीं लिया है, वे अपना मूल आधार कार्ड दिखाकर आई कार्ड ले सकते हैं। दीनदयाल अन्त्योदय योजना-शहरी आजीविका कौशल मिशन के तहत आवेदन करने से वंचित रहे व्यक्ति अभी भी आवेदन कर पंजीयन करवा सकते हैं। गौरतलब है कि शहर में ठेला संचालकों के लिए फिलहाल कोई जगह निश्चित नहीं होने से वे कहीं भी ठेला लगा लेते हैंं।