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नागौर : गैस गोदाम में आग की सूचना से मचा हङ़कम्प, फायर स्टेशन पर फोन नहीं, मोबाइल पर दी सूचना

मौके पर पहुंचे कलक्टर गौतम, एसपी देशमुख, कई थानों का पुलिस जाब्ता भी पहुंचा मौके पर, मौके पर पहुंचने पर हुआ मॉक ड्रिल का खुलासा।

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Nagaur mock drill

Fire in Gas Godam in nagaur

नागौर. बासनी रोड पर गैस गोदाम में भयंकर आग लगने की सूचना से अधिकारियों में हड़कम्प मचा। पुलिस व कलक्ट्रेट कंट्रोल रूम को आग की सूचना मिलने पर जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम व जिला पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख मौके पर पहुंचे। आग की सूचना मिलने पर सबसे पहले दमकल मौके पर पहुंची। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम व एम्बुलेंस भी मौके पर पहुंच गई तथा कोतवाली समेत कई थानों की पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंची। मौके पर पहुंचने के बाद लोगों को जब मॉक ड्रिल का पता चला तब कहीं उन्होंने राहत की सांस ली।
कमियों को लेकर की चर्चा
नगर परिषद सभापति कृपाराम सोलंकी, आयुक्त श्रवण चौधरी, एडीएम छगनलाल गोयल, एसडीएम परसराम भी मौके पर पहुंच गए। दमकल, पुलिस अधिकारी व चिकित्सा विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों व एम्बुलेंस मॉक ड्रिल में समय पर पहुंचे और ज्यादा वक्त नहीं लिया। हालांकि डिस्कॉम व जलदाय विभाग के अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे। सभी विभागों के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद कलक्टर गौतम ने मॉर्क ड्रिल में रही कमियों पर चर्चा करते हुए उनमें सुधार के निर्देश दिए।
फायर स्टेशन का फोन खराब
दरअसल, जिस समय दमकल कर्मचारियों को गैस गोदाम में आग की सूचना दी गई उस समय वे मूण्डवा चौराहा पर कचरे में लगी आग बुझाने गए हुए थे। वहां से करीब छह मिनट में दमकल बासनी रोड स्थित गोदाम पहुंच गई। अग्निशमन कार्यालय नए भवन में स्थानांतरित हो गया, फायर स्टेशन में फोन चालू नहीं हुआ। आग की सूचना 101 नम्बर पर दी जाती है लेकिन फोन नहीं होने से दमकम कर्मचारियों को फोन लगाना पड़ता है।

समय पर नहीं मिलती सूचना
दमकल कर्मचारी के ड्यूटी पर नहीं रहने या छुट्टी पर रहने की स्थिति में बारी-बारी सब कर्मचारियों से सम्पर्क करना पड़ता है। कई बार ऐसा भी होता है जब लोगों के पास मोबाइल नम्बर नहीं होते और 101 पर सम्पर्क नहीं हो पाने के चलते आग की सूचना देने में देरी होने से कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंच पाते। ग्रामीण इलाकों आग लगने पर 101 पर ही सूचना देते हैं लेकिन पिछले कुछ महीने से फोन बंद रहने से लोगों को परेशानी होती है।

सकारात्मक रहा मॉक ड्रिल
कुल मिलाकर मॉक ड्रिल सकारात्मक रहा। आपदा के बाद समय पर सहायता पहुंचाने को लिए कुछ सुधार किए जाने की जरुरत है।
परिस देशमुख, जिला पुलिस अधीक्षक, नागौर