मेड़ता नगरपालिका में कांग्रेस बोर्ड का एक वर्ष पूरा हो गया। एक वर्ष का कार्यकाल विकास की दृष्टि से धीमा रहा। ऐसे में अब तक शहर में कोई बड़ी उपलब्धि का विकास कार्य नहीं हो पाया
छोटूराम प्रजापति
मेड़तासिटी. पालिका गठित होने के साथ में शहर सफाई, रोशनी, सड़क पेच वर्क, अतिक्रमण हटाने जैसे कार्यों पर ही ध्यान दे पाया। पालिका की साधारण बैठक में कमेटियों का गठन किया गया। लेकिन प्रतिपक्ष ने नियमों के विरूद्ध करार दिया। राज्य सरकार ने कमेटियों के गठन पर रोक लगा रखी है। ऐसे में अब तक कमेटियों का अनुमोदन नहीं हो सका। ऐसे में पालिका में ऐसे कई विकास कार्यों में आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार के उदासीन रवैये के चलते नगरपालिका में पिछले एक वर्ष से अधिशासी अधिकारी का पद रिक्त चल रहा है। वर्तमान में सहायक अभियंता रामप्रसाद मीणा कार्यवाहक ईओ पद पर जिम्मा संभाल रहे है।
पालिका अध्यक्ष रूस्तम अली प्रिंस से बातचीत
पत्रिका: आपका एक वर्ष कार्यकाल कैसा रहा ?
प्रिंस: एक वर्ष का कार्यकाल सामान्य रहा। आमजन की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान दिया गया है।
पत्रिका: आपकी एक वर्ष में क्या उपलब्धि रही?
प्रिंस: शहर के बड़े विकास कार्य के लिए राज्य एवं केन्द्र सरकार से बड़ा बजट नहीं मिला। इसके बाद भी सीसी सड़कें, पब्लिक पार्क का सौन्दर्यकरण, गली मोहल्लों में सीसी सड़कों आदि निर्माण कार्य करवाए गए।
पत्रिका: आगामी चार साल में क्या विकास कार्य करवाने चाहेंगे ?
प्रिंस: मेड़ता शहर भक्त शिरोमणि मीराबाई की नगरी है। ऐसे में मीरा द्वार का निर्माण हो। इसके लिए सार्थक प्रयास किए जाएंगे। वहीं बजट होने पर सीवरेज लाइन का कार्य करवाया जाएगा। मेड़ता में खेल स्टेडियम का अभाव है। इसके लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
पत्रिका: विकास की नजर में आप कितने नम्बर देना चाहेंगे और क्यों ?
प्रिंस: विकास कार्योंं को लेकर शहर की जनता नम्बर देगी। प्रथम नागरिक होने के साथ जनता की सेवा का कार्य कर रहा हूं।
पत्रिका: शहर विकास में प्रतिपक्ष की क्या भूमिका रही ?
प्रिंस: प्रतिपक्ष की भूमिका सामान्य है। शहर विकास को लेकर सत्तापक्ष ने हमेशा प्रतिपक्ष को अपने साथ रखा है। प्रत्येक वार्ड में बिना भेदभाव के कार्य करवाएं जा रहे है।
पत्रिका: शहर विकास के लिए राज्य स्तर पर नगरपालिका ने क्या प्रपोजल भेज रखे है, वर्तमान में क्या स्थिति है ?
प्रिंस: मेड़ता में सीवरेज लाईन की महत्ती आवश्यकता है। राज्य सरकार को प्रपोजल भेजा गया है। लेकिन राज्य सरकार से स्वीकृति नहीं मिल रही है।
पत्रिका : आपकी नजर में शहर की सबसे बड़ी समस्या क्या है और समाधान के लिए क्या प्रयास किए ?
प्रिंस: शहर के भीतरी एवं बाहरी क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कें हैं। कुछ सड़कें सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीन हैं। जिन्हें दुरूस्त करवाने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया है। शेष अन्य सड़कों की मरम्मत पालिका की ओर से करवाई जाएगी।
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प्रतिपक्ष छोटूलाल गहलोत से बातचीत:
पत्रिका: कैसा रहा पहला साल ?
गहलोत: सामान्य रहा। कोई नया बड़ा विकास कार्य नहीं हुआ। शहर में रोशनी व्यवस्था चरमराई हुई है।
पत्रिका: अपने विकास के लिए क्या प्रयास किए है और क्या मुद्दे उठाएं हैं ?
गहलोत: शहर के विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव दिए जाएंगे।
पत्रिका: आने वाले चार साल में विकास के क्या कार्य होने चाहिए ?
गहलोत: मेड़ताशहर में मीरा द्वार का निर्माण, सीवरेज लाइन, आवारा पशुओं से निजात मिले, रोशनी व्यवस्था को दुरूस्त करने जैसे कार्य होने चाहिए।