
-कुल की रस्म के साथ उर्स का हुआ समापन, बेहतर काम करने के लिए किया गया सम्मानित
नागौर. ख्वाजा साहब के खास खलीफा हजरत हमीदुदीन नागौरी रहमतउल्लाह अलैह का 772वां उर्स मुबारक का सूफी साहब की दरगाह में कुल की रस्म के साथ समापन हुआ। उर्स के अंतिम दिन सूफी साहब की दरगाह में जायरीनों की भीड़ उमड़ी। सुबह फज्र की नमाज के बाद कुरान ख्वानी के हुए आयोजन में काफी संख्या में जायरीन शामिल हुए। दोपहर को जोहर कि नमाज के बाद महफिल खाने में नायब सज्जादानशीन सूफी जमाल अख्तर के अध्यत्ता में कव्वाली के कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इसमें कव्वालों ने एक से बढकर एक कलाम भी सूफी की शान में पढे । इस दौरान दरगाह कमेटी पदाधिकारियों की तरफ से कुल की रस्म भी अदा की गई। यहां पर कुल का पानी लेने के लिए जायरीनों में होड़ लगी रही। शनिवार को भी सुबह से ही जायरीन दरगाह परिसर में पहुंचने लगे। चादर के साथ अकीदत के फूल कर दुआएं की, और सूफी के मजार पर मन्नत के धागे बांधे गए। इसके पहले अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह के अंजुमन सैयजादगान की तरफ से चादर चढ़ाकर अकिदत के फूल पेश किए गए। दरगाह के निकट ही खाली मैदान में लगे झूलों आदि का जहां बच्चों ने लुफ्त उठाया, वहीं महिलाओं सहित अन्य जायरीनों ने दुकानों में जमकर खरीदारी की। शाम को दावते इस्लामी कि तरफ से ादर चढाई गई और अकिदत के फूल पेश करते हुए विशेष दुआ भी हुई। इस मौके पर दरगाह कमेटी के अध्यक्ष शमशेर खान, उपसभापति सदाकत सुलेमानी, आबिद हुसैन अलवी, शकिल ताकली, सलीम खान सांखला, मकबूल अंसारी, मोहम्मद अली अंसारी, अहमद बाबू लोहार, उसमान खां, आरिफ गौरी, नदीम खान, खालिद हुसैन, शौकत खान नूरख्वानी, तबरेज खान, असलम मुल्तानी, याकूब मुल्तानी, मुराद खान, सलीम बल्की, मोहम्मद रफीक गौरी, इलियास गौरी, अब्बास खान, मोहम्मद फारूख, बुलाकी खां, उम्मेद खां , सलाउद्दीप कुरैशी, शौकत खां नूरखानी, जावेद सोढा, सलीम खान, फरहान अंसारी, शरीफ खान दायमा, शराफत गौरी, शाहरूख, शकि सादाब मुल्तानी, मुजीबुर्रहमान, सगीर आलम अंसारी जहीर खान भीकाराम कंकडावा आदि लोगों ने व्यवथाएं संभाली