
-मेड़ता क्षेत्र की 20 से अधिक ग्राम पंचायतें अब भी वंचित
-निजी बसों के भरोसे ग्रामीणों का सफर
- कई बार उठी मांग लेकिन नहीं मिला समाधान
- पीपीपी योजना भी नहीं दिला सकी राहत
रियांश्यामदास. नागौर जिले के मेड़ता उपखंड और खींवसर विधानसभा क्षेत्र के 20 से अधिक ग्राम पंचायत मुख्यालय आज भी नियमित राजस्थान रोडवेज बस सेवा से वंचित हैं। आजादी के बाद से अब तक कई गांवों में रोडवेज बस नहीं पहुंची है, जिससे हजारों ग्रामीणों को निजी बसों और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के सामने मांग रखने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव ऐसे हैं, जहां आज तक रोडवेज बस सेवा शुरू नहीं हुई। इससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। निजी बस संचालक मनमाना किराया वसूलते हैं। इससे जिससे ग्रामीणों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
पीपीपी योजना भी नहीं दे सकी राहत
पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने रोडवेज सुविधा से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) योजना शुरू की थी। योजना के तहत निजी बस संचालकों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार आर्थिक सहायता देकर ग्रामीण रूटों पर बसें चलाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए आवेदन भी आमंत्रित किए गए, लेकिन निजी बस संचालकों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई, जिससे योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
ग्रामीण रूट छोड़ हाइवे पर दौड़ रही बसें
ग्रामीणों का आरोप है कि जिन निजी बस संचालकों के पास ग्रामीण मार्गों के परमिट हैं, उनमें से कई अधिक सवारियां मिलने के कारण बसों का संचालन निर्धारित ग्रामीण मार्गों की बजाय हाईवे पर कर रहे हैं। यदि परिवहन विभाग ऐसे वाहनों की नियमित निगरानी कर निर्धारित रूट पर संचालन सुनिश्चित करे तो ग्रामीणों को काफी राहत मिल सकती है।
चलती बस सेवा भी बंद
हरसोलाव गांव से भोपालगढ़ होते हुए जोधपुर जाने वाली वर्षों पुरानी रोडवेज बस सेवा भी विभाग ने बसों की कमी का हवाला देकर बंद कर दी। नई बसें शुरू करने के बजाय पुरानी सुविधा भी समाप्त होने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।
समाजसेवी पदमसिंह ने बताया कि उनकी उम्र 70 वर्ष हो चुकी है। उन्होंने आज तक रियांश्यामदास गांव में रोडवेज बस आते नहीं देखी। रियांश्यामदास-लाम्बा जाटान-मेड़ता सिटी-दधवाड़ा-रूण-मूंडवा-नागौर रूट पर रोडवेज बस शुरू करने की मांग की। रोल चांदावता ग्राम पंचायत के प्रशासक अर्जुनराम गुर्जर ने कहा कि क्षेत्र की अधिकांश ग्राम पंचायतों से उपखंड मुख्यालय तक रोडवेज बस सुविधा वर्षों से नहीं है। कई बार मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ, जिससे ग्रामीण आज भी निजी बसों के सहारे सफर करने को मजबूर हैं।