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नागौर में युवक की मौत के मामले में नया मोड़, जिसने चोर को पकड़कर पुलिस को सौंपा, अब वही किसान हिरासत में

राजस्थान के नागौर जिले में चोरी के शक में युवक की पीट-पीटकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने मृतक के परिजनों की ओर से उस किसान पर मामला दर्ज किया है, जिसके यहां चोरी करने के लिए यह युवक घुसा था।
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Nagaur Mob Lynching

मृतक धर्माराम व मौके पर मौजूद पु​लिस। फोटो: पत्रिका

नागौर। राजस्थान के नागौर जिले में चोरी के शक में युवक की पीट-पीटकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने मृतक के परिजनों की ओर से उस किसान पर मामला दर्ज किया है, जिसके यहां चोरी करने के लिए यह युवक घुसा था। दूसरी तरफ किसान परिवार का कहना है कि युवक को सकुशल पुलिस के सुपुर्द किया गया। इसके साढ़े तीन घंटे बाद मौत पुलिस हिरासत के दौरान हुई है। घटनास्थल से 18 किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचने में पुलिस को साढ़े तीन घंटे का समय लगने के पीछे का सस्पेंस भी बरकरार है। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने खजवाना निवासी मेहराम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मृतक की पहचान गोठड़ा हाल नोखा चांदावता निवासी धर्माराम (32) पुत्र जवानाराम चोयल के रूप में हुई है।

जानकारी अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे खजवाना से ग्वालू रोड स्थित मेहराम पुत्र खेमाराम जाट के ट्यूबवेल पर दो युवक चोरी के इरादे से घुसे। किसान ने एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। उसका दूसरा साथी भागने में सफल रहा। किसान के परिजनों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद कुचेरा थाने से गणपतराम मय जाब्ते मौके पर पहुंचे। करीब 6 बजे पुलिस आरोपी को अपने साथ लेकर कुचेरा के लिए रवाना हो गए।

बयानों में विरोधाभास: कौन सच, कौन झूठ?

कुचेरा सीआइ हबीब खां का कहना है सुबह करीब सवा 6 बजे पुलिस आरोपी को लेकर रवाना हुई थी। रास्ते में समय लग ही जाता है। वहीं मूण्डवा डिप्टी धरम पूनियां का कहना है किसान ने पुलिस को सवा छह बजे सूचना दी थी। पुलिस आरोपी को लेकर सुबह करीब 9 बजे सीएचसी पहुंची। वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। जबकि राजकीय सीएचसी कुचेरा के रिकॉर्ड के अनुसार पुलिस आरोपी को सुबह पौने दस बजे लेकर पहुंची। पहले पुलिस ने शव को सीधे मोर्चरी में रखवाना चाहा। परन्तु सीएचसी प्रभारी डॉ. नरेन्द्र बाजिया ने इमरजेंसी वार्ड में लाने के लिए कहा। वहां ईसीजी करने के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया गया। इस संबंध में एडिशनल एसपी आशाराम चौधरी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

पुलिस का दावा बनाम किसान परिवार के तर्क

पुलिस का कहना है कि किसान मेहराम ने आरोपी की पाइप से बेरहमी से पिटाई की थी, जिससे उसकी मौत हुई। वहीं किसान मेहराम के परिजनों का कहना है कि जब दोनों चोरों का पीछा किया गया तो एक भाग निकला, जबकि दूसरा दीवार फांदते समय नीचे गिरने पर पकड़ लिया। किसान ने गंभीर मारपीट की तो मौके पर पहुंची पुलिस ने किसान को हिरासत में लिए बिना अकेले आरोपी को लेकर कैसे चली गई।

पुलिस रिपोर्ट में यह बताया

मृतक के चाचा गोपालराम ने थाने में दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि मेहराम ने उन्हें फोन करके कहा था ‘तेरा भतीजा मेरे घर में घुसा है, हमने उसकी पिटाई की है और अभी और मारेंगे।’ रिपोर्टकर्ता चाचा के अनुसार इसी मारपीट के दौरान धर्माराम की मौत हो गई।

आखिर साढ़े तीन घंटे कहां?

खजवाना से कुचेरा सीएचसी की दूरी महज 18 किलोमीटर है। इस दूरी को तय करने में साढ़े तीन घंटे कैसे लगे यह सवाल भी कायम है। पुलिस मरीज को इमरजेंसी वार्ड में ले जाने के बजाय सीधे मोर्चरी में किस वजह से लेकर गई। आरोपी की मौत किसान की पिटाई से हुई या हिरासत में, यह जांच का विषय है।