Nagaur. भारत विकास परिषद का स्थापना दिवस समारोह
नागौर. कोरोना के दौरान परिषद ने वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा पर काम किया। सेवा कार्यों के माध्यम से आमजन को राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया। सुगनसिंह सर्किल स्थित झंवर धर्मशाला में हुए भारत विकास परिषद के स्थापना दिवस समारोह में उत्तर प्रांत के क्षेत्रीय मंत्री नृत्यगोपाल मित्तल बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि संस्कारक्षम कार्यक्रमों के आयोजन के कारण परिषद की सम्पूर्ण विश्व में एक अनूठी पहचान है। सज्जन लोगों की सामाजिक और राष्ट्रहित के मुद्दों पर निष्क्रियता के कारण देश को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। भारत विकास परिषद में पद और अधिकारों को महत्व नहीं दिया जाता है, बल्कि दायित्व बोध को प्रमुखता दी जाती है। मित्तल ने संपर्क आयाम पर जोर देकर अपरिचित को परिचित, परिचित को मित्र और मित्रों को संगठन से जोडऩे की बात कही। इससे पूर्व संस्थापक संरक्षक डॉ. बी.एल.भूतड़ा ने कोरोना गाइडलाइन्स का पालन करते हुए परिषद की गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने का आह्वान किया। डॉ. भूतड़ा ने परिषद के वरिष्ठ सदस्य सेवानिवृत प्रोफेसर भवानीशंकर रांकावत के ऑनलाइन प्राप्त संदेश को भी पढकऱ सुनाया। लंबे समय से निष्क्रिय रहे सदस्यों को पुन: मुख्य धारा में जोडऩे का संकल्प लिया। शाखा अध्यक्ष कैलाश सारड़ा ने वर्ष में एक बार प्रत्येक सदस्य के घर पर जाकर संपर्क करने का संकल्प लेने के साथ एक स्थायी चिकित्सा उपकरण प्रकल्प को प्रारम्भ करने का आह्वान किया। पूर्व अध्यक्ष रामकिशोर सारड़ा, कोषाध्यक्ष चरण प्रकाश डागा, वरिष्ठ सदस्य जगदीश मीणा, राजेन्द्र डागा, रामनिवास राठी, रामनिवास पालडिय़ा, रामानुज मालाणी, केशव चांडक, डॉ. पल्लव शर्मा, महेंद्र कुमार सोनी,चंद्रशेखर शर्मा, सागर सर्वा, बजरंग लाल शर्मा आदि ने भी अपने विचार प्रकट किए। इससे पूर्व सुबह काल परिषद सदस्यों ने साईं सेवा समिति में जरूरतमंदों को भोजन करवाया। हेमंत सोनी ने भोजन के पश्चात सभी व्यक्तियों को मास्क वितरित किया। इस अवसर पर साईं सेवा समिति के संचालक सदस्यों ने अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया। इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर हुई। कार्यक्रम की प्रस्तावना वरिष्ठ सदस्य हेमंत जोशी ने प्रस्तुत की। शाखा सचिव रवि प्रकाश सोनी ने कोरोना काल में परिषद द्वारा किए गए सेवा कार्यों का वृत निवेदन किया।