
दादी के साथ मासूम (फोटो: पत्रिका)
Real Life Emotional Story Of Patient: नागौर जिले के डेह कस्बे में रहने वाले 6 वर्षीय मासूम पंकज मौर्या की जिंदगी बचपन से ही दर्द और संघर्ष की कहानी बन गई है। जिस उम्र में बच्चे खिलौनों और स्कूल की दुनिया में खोए रहते हैं, उस उम्र में पंकज अस्पतालों के चक्कर काट रहा है। जन्म के दो साल बाद ही उसके सिर से पिता का साया उठ गया। पिता राजेश की ब्लड कैंसर से मौत हो गई और परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। आर्थिक तंगी के बीच मां भी उसे छोड़कर दूसरी शादी कर चली गई। अब यह मासूम अपनी बुजुर्ग दादी केलकी देवी के सहारे जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
पंकज जन्म से ही गंभीर बीमारी से पीड़ित है। डॉक्टरों के अनुसार उसके दिल में छेद है और उसके ऑपरेशन व इलाज के लिए करीब चार लाख रुपए की आवश्यकता है। परिवार की हालत इतनी खराब है कि रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में लाखों रुपए का इलाज करवाना दादी के लिए किसी पहाड़ से कम नहीं है। दादी रो-रोकर पोते के लिए मदद मांगने को मजबूर है।
पंकज की दादी केलकी देवी ने आंखों में आंसू लिए बताया कि उनका पोता पिछले छह वर्षों से बीमारी से जूझ रहा है। वर्तमान में उसका इलाज जोधपुर के अस्पताल में चल रहा है। परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है। वृद्धावस्था में भी वह मजदूरी करके किसी तरह पोते का पालन-पोषण और इलाज करवा रही हैं। उन्होंने कहा कि कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि दवा खरीदें या घर का राशन लाएं, यह तय करना मुश्किल हो जाता है। इस कठिन स्थिति में परिवार आर्थिक संकट से लगातार जूझ रहा है और मदद की आस लगाए बैठा है।
परिवार ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों सहित कई जगह मदद की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस सहायता नहीं मिल पाई। अब दादी ने समाज और भामाशाहों से मदद की भावुक अपील की है। उनका कहना है कि यदि लोगों का सहयोग मिल जाए तो उनके पोते की जिंदगी बच सकती है और उसका बेहतर इलाज संभव हो सकता है, जिससे परिवार को इस कठिन संकट से कुछ राहत मिल सके।
Published on:
19 May 2026 02:11 pm
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