
Nagaur. Main market of Nagaur city
नागौर. राज्य में लगातार गिरते राजस्व प्रतिशत और बढ़ती टैक्स चोरी को लेकर आखिरकार राज्य कर विभाग हरकत में आ गया है। जयपुर में गत शनिवार को हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद विभागीय स्तर पर सर्वे, रोड चेकिंग और फील्ड कार्रवाई तेज करने के निर्देश जारी किए गए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार बिना बिल व्यापार, संदिग्ध बिलिंग और कर चोरी के मामलों पर अब विशेष निगरानी रखी जाएगी। महत्वपूर्ण यह है कि राजस्थान पत्रिका ने गत मई माह में प्रकाशित खबर में विभाग की कमजोर फील्ड मॉनिटरिंग, घटती रोड चेकिंग और सर्वे कार्रवाई के कारण बढ़ रही टैक्स चोरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। खबर में यह भी सामने लाया गया था कि कई जिलों में बिना बिल व्यापार और संदिग्ध बिलिंग की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि राजस्व वसूली लक्ष्य से पीछे चल रही है। अब उसी मुद्दे पर विभागीय स्तर पर सख्ती बढ़ती दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक समीक्षा बैठक में प्रदेशभर के डीसी स्तर के अधिकारियों को फील्ड में सक्रियता बढ़ाने, संदिग्ध व्यापारिक गतिविधियों पर नजर रखने और राजस्व संग्रह में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही शिकायतों में आए अधिकारियों को फील्ड चेकिंग और जांच कार्यों से दूर रखने पर भी चर्चा हुई, ताकि कार्रवाई की पारदर्शिता बनी रहे।
मुख्यमंत्री ने भी दिए निर्देश
रविवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी राजस्व अर्जन को लेकर आयोजित बैठक में कर चोरी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, बकाया वसूली में तेजी और तकनीक आधारित निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में आबकारी, परिवहन, जीएसटी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने राजस्व लक्ष्य और अब तक की वसूली की स्थिति प्रस्तुत की। सूत्रों के अनुसार राज्य कर विभाग लक्ष्य का करीब 74 प्रतिशत ही हासिल कर पाया है, जबकि हजारों करोड़ रुपए का राजस्व अंतर बना हुआ है। विभागीय स्तर पर माना जा रहा है कि लंबे समय से कमजोर सर्वे और रोड चेकिंग के कारण कर चोरी पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया। ऐसे में अब विभाग फील्ड कार्रवाई को फिर से मजबूत करने की तैयारी में है।
अब तक 107 अतिरिक्त गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाए
नागौर. खाद्य विभाग के निर्देशों की पालना में जिले में शादी-विवाह समारोहों के लिए अतिरिक्त व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। जिला रसद अधिकारी कार्यालय के अनुसार गत 10 अप्रैल 2026 से अब तक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से शादी कार्ड के साथ कुल 107 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके आधार पर पात्र उपभोक्ताओं को संबंधित गैस एजेंसियों के माध्यम से नियमानुसार सिलेंडर उपलब्ध करवा दिए गए हैं। जिला रसद अधिकारी अंकित पचार ने बताया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार शहरी क्षेत्र में शादी-विवाह के लिए तीन तथा ग्रामीण क्षेत्र में दो व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। जिन परिवारों में शादी-विवाह है। वह शादी कार्ड के साथ आवेदन प्रस्तुत कर इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
काश्तकारों को मृदा प्रबंधन की दी जानकारी
नागौर. कृषि विज्ञान केन्द्र अठियासन की ओर से सोमवार को थाट गांव में हुए उर्वरक जागरूकता कार्यक्रम में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. गोपीचन्द सिंह ने किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन और उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी दी। वहीं विषय विशेषज्ञ (पशुपालन) बुधाराम ने एकीकृत कृषि प्रणाली और पशुपालन के जरिए आय बढ़ाने के तरीके बताए। लैब तकनीशियन मनीष जाजरा ने मृदा परीक्षण और उर्वरकों के सही उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी। इफको प्रबंधक रामस्वरूप चौधरी ने किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग और इफको की किसान हितैषी योजनाओं के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने विशेषज्ञों से उर्वरक उपयोग और फसल प्रबंधन से जुड़े सवालों का जवाब भी पाया।
Updated on:
18 May 2026 10:51 pm
Published on:
18 May 2026 10:51 pm
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