पर्यावरण प्रेमी शिक्षक डोगीवाल अब तक चार विद्यालयों को बना चुके हरा-भरा
नागौर. जिले के पर्यावरण प्रेमी शिक्षक धर्मपाल डोगीवाल को राज्य सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग ने मुख्यमंत्री पौधरोपण अभियान को लेकर पर्यावरण ब्रांड एम्बेसडर घोषित किया है। शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षक डोगीवाल को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है।
मंत्री दिलावर ने पत्र में बताया कि मुख्यमंत्री पौधरोपण महाभियान के अन्तर्गत अमृत पर्यावरण महोत्सव ‘एकपेड़ देश के नाम - एक पेड़ मां के नाम’ के तहत 8 अगस्त 2024 को प्रदेश में सघन पौधरोपण किया जा रहा है। इस अभियान में व्यापक जनसहभागिता सुनिशिचत करने के लिए राजस्थान सरकार की ओर से तीन वर्ष के लिए पर्यावरण ब्रांड एम्बेसडर घोषित किया जा रहा है।
शिक्षक के जुनून ने बदल दी स्कूलों की तस्वीर
नागौर शहर के संत बलराम दास राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय संख्या-2 में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत डोगीवाल जहां भी जाते हैं, उस क्षेत्र को हरा-भरा बनाने में जुट जाते हैं। जोश, जुनून और जज्बे के साथ कर्म को ही इबादत मानने वाले शिक्षक धर्मपाल डोगीवाल पिछले 11 वर्ष से अपने काम के दम पर समाज में सरकारी शिक्षकों के प्रति बनी सोच बदलने का प्रयास कर रहे हैं। कोरोना से पहले संत बलराम दास उच्च प्राथमिक विद्यालय संख्या-2 में जानवरों का बाड़ा बना हुआ था, जिसमें डोगीवाल ने अपनी मेहनत व दानदाताओं के सहयोग से शहर का सबसे सुंदर और मनोरम विद्यालय बना दिया है। विद्यालय में साफ-सफाई, पौधरोपण, सुरक्षा व्यवस्था से लेकर निर्माण कार्य के लिए जहां आम शिक्षक बजट का रोना रोते हैं, वहीं शिक्षक डोगीवाल ने एक-दो नहीं पिछले 11 वर्षों में जिले के चार विद्यालयों में जो काम करवाए हैं, उन्हें देखकर ग्रामीणों के साथ विभागीय अधिकारी भी चकित हैं। इसके साथ डोगीवाल ने अपने घर के आगे बदहाल उद्यान को भी एक साल में शहर का सबसे खूबसूरत पार्क बना दिया।
इन विद्यालयों की बदली तस्वीर
- जनवरी 2013 में मुंदियाड़ के राजकीय प्राथमिक विद्यालय को एक उपवन का रूप दिया।
- सितम्बर 2015 में डोगीवाल ने राउमा विद्यालय मुंदियाड़ में 30 बीघा परिसर में करीब 600 पौधों को पेड़ बनाया।
- जून 2018 में सेठ किशनलाल कांकरिया राउमा विद्यालय में अन्य शिक्षकों के साथ 125 पौधे लगाए, जिनमें से ज्यादातर आज पेड़ बन चुके हैं।
- जून 2019 में संत बलराम दास राजकीय उप्रा विद्यालय संख्या-2 नागौर में सैकड़ों पेड़-पौधे लगाकर हरा-भरा बना दिया।