
नागौर. बिजली चोरों के खिलाफ चल रहे अभियान में डिस्कॉम ने शनिवार को 233 उपभोक्ता एवं गैर उपभोक्ताओं की चोरी पकड़ी। खींवसर उपखण्ड में एक एवं नागौर के ग्रामीण उपखण्ड नेणाऊ में दो अवैध रूप से बिजली ट्रांसफार्मर पकड़े। अधीक्षण अभियंता आर. बी. सिंह ने बताया कि कुल 42.52 लाख का जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने बताया कि यह झाडियों में छिपाकर रखे गए थे।
दिव्यागों एवं वरिष्ठ नागरिकों को मिलेंगे नि:शुल्क सहायक उपकरण
नागौर. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं जिला प्रशासन की ओर से भारतीय कृत्रिम अंग उपकरण निर्माण संगठन के माध्यम से जिले के सभी दिव्यांगजनो को एडिप योजना के तहत एवं वरिष्ठ नागरिकों को वयोश्री योजना के तहत नि:शुल्क आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। पात्र व्यक्तियों को उनकी आवश्यकता अनुसार टाई.साईकिलए व्हील चेयरए श्रवण यंत्रए स्मार्ट केनए ब्रेल स्लेटए केलीपरए वॉकींग स्टीकर, चश्में, एवं आवश्यकता अनुसार अन्य उपकरण नि:शुल्क प्राप्त करने के लिए सभी पात्र व्यक्तियों का अपने नजदीकी ई.मित्र आदि सीएससी केन्द्र के माध्यम से बिना किसी प्रकार का शुल्क दिये रजिस्टेशन करवा सकते है। इसका लाभ लेने के लिये रजिस्टेशन के समय सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नि:शक्तता प्रमाण पत्रए 1.80 लाख से कम वार्षिक आय होने का प्रमाण पत्रए अपना एक फोटोग्राफ तथा कोई भी एक पहचान दस्तावेज ;जैसे आधार कार्डध्वोटर कार्डए राशन कार्ड लगाना होगा। पहले चरण में पात्र सभी व्यक्तियों काए उन्हे किस उपकरण की आवश्यकता है का निर्धारण शिविर लगाकर किया जाएगा। इसके पश्चात दूसरे चरण में चिहिन्त सभी पात्र दिव्यांगजनों एव वरिष्ठ नागरिकों को शिविर लगाकर उपकरणों का नि:शुल्क वितरण किया जायेगा।
न्यास का शिक्षा में सुधार का अभियान यज्ञ के रूप में रुकने वाला नहीं है
नागौर. शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की दो दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षिक कार्यशाला दिल्ली में हुई। इसमें में चीनी कोरोना महामारी के दौरान भारतीय शिक्षा् एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति की प्रथम वर्षगांठ पर क्रियान्वयन की समीक्षा" विषय पर प्रस्ताव पारित किए गए। इसें शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि विकट परिस्थितियों में भी न्यास का शिक्षा में सुधार का अभियान यज्ञ के रूप में रुकने वाला नहीं है। कार्यशाला में सभी प्रांतों के द्वारा विगत एक वर्ष में किए गए कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ तीन महत्वपूर्ण सत्रों में न्यास के कार्यों, लक्ष्य, कार्यपद्धति एवं विभिन्न विषयों, आयामों तथा कार्य विभागों पर विस्तार से चर्चा हुई। कोरोना महामारी के दौरान भारत की शिक्षा-व्यवस्था में जिस वैकल्पिक व्यवस्था की आवश्यकता है, उस पर केंद्रित दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को चर्चा एवं विमर्श के तदुपरांत सर्व-सम्मति से पारित किया गया। कार्यशाला में राजस्थान सहित 28 प्रांतों के 500 से अधिक प्रतिभागी आभासी वर्चुअल माध्यम से जुड़े हुए हैं। उद्घाटन सत्र में एनसीईआरटी के सचिव मेजर हर्ष कुमार ने भी मार्गदर्शन किया । प्रथम दिवस कार्यशाला का संचालन राजस्थान क्षेत्र के संयोजक डॉ. चंद्रशेखर कच्छावा बीकानेर ने किया ।