नागौर

Nagaur patrika…सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर विरोधी एवं समर्थकों की जुगलबंदी तेज

शहर की सरकार के मुखिया को हटाने के गुणा-भाग के खेल में नागौर से बाहर हुई विशेष बैठक में पार्षदों ने ली सभापति को हटाने की शपथ

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Jun 15, 2025

शहर की सरकार के मुखिया को हटाने के गुणा-भाग के खेल में नागौर से बाहर हुई विशेष बैठक में पार्षदों ने ली सभापति को हटाने की शपथ

  • विरोधी खेमे के पार्षदों के बीच साढ़े छह घंटे चली गोपनीय बैठक में सभापति को हटाने के लिए तैयार हुई विशेष रणनीति-अब जयपुर में प्रवास कर रहे पार्षद अन्यत्र स्थान के लिए हुए रवाना, सात पार्षद वापस पहुंचे नागौर, फ्लोर टेस्ट होने तक पार्षदों के प्रवास का बदलता रहेगा स्थाननागौर. सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर लामबंद हुए पार्षदों की जयपुर में शुक्रवार केा दिन भर बैठक चली। सूत्रों के अनुसार इसमें सभापति के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पार्षदों को शपथ दिलाई गई है कि वह ऐन मौके पर पलटेंगे नहीं, क्यों कि इससे विरोधी खेमे की तो किरकिरी हो जाएगी। इसके साथ तीन-साढ़े तीन महीने में जो भी विकास कार्य की उनके वार्डों में आशा है, फिर वह काम भी नहीं हो पाएंगे। फ्लोर टेस्ट को अभी भी 13 दिन बाकी है। ऐसे में अब हर तीसरे दिन पार्षद अपने प्रवास स्थल को भी बदलेंगे, ताकि सभापति के समर्थक खेमे को कोई मौका न मिल सके।अविश्वास प्रस्ताव को लेकर एकजुट हुए पार्षदों में एका बनाए रखना सभापति विरोधी खेमे के लिए चुनौती बन गई है। हालांकि सभापति विरोधी खेमा गुरुवार को जहां 50 के होने का दावा कर रहा था, वहीं शुक्रवार तक यह संख्या घटकर 49 तक पहुंच गई। विरोधी खेमे के पार्षदों का कहना है कि वह पार्षद वायदा करने के बाद भी जयपुर नहीं पहुंचा। हालांकि उसने फ्लोर टेस्ट में साथ देने के लिए आश्वस्त किया है।11 बजे से शाम को साढ़े पांच बजे तक चली बैठकसभापति विरोधी खेमे के पार्षदों की बैठक सुबह 11 बजे से शाम को करीब साढ़े पांच बजे तक चली। बैठक में एक चर्चित वरिष्ठ पार्षद ने सभापति की कई कमजोरियों को गिनाते हुए पार्षदों से एका बनाए रखने का आग्रह करते हुए कहा कि सभापति को हटाए जाने का अवसर फिर दोबारा नहीं मिलने वाला है। इसलिए सभी को मिलजुलकर पार्टी से परे इसमें एकता दिखाने की आवश्यकता है। इस पर सभी पार्षदों ने सहमति जताई तो हाथो-हाथ उनको सभापति के खिलाफ मतदान करने की सांकेतिक तौर पर शपथ भी दिला दी गई। बताते हैं कि शपथ को लेकर चार-पांच पार्षदों ने असहमति तो जताई थी, लेकिन वरिष्ठों ने समझाकर उनको राजी करा लिया। इसके बाद सभी ने एक स्वर से सभापति को हटाए जाने की शपथ ली। तय किया गया कि कैसे भी कर सभापति को हटाना है। इसके बाद बनेगा कौन, इसको लेकर आपस में चर्चा कर ली जाएगी, नहीं तो प्रयास रहेगा कि कार्यवाहक सभापति के तौर पर किसी भी पार्षद की नियुक्ति कराए जाने के लिए शासन स्तर पर भी प्रयास कर लिया जाएगा।बैठक के बाद जयपुर से रवाना हुए पार्षदसूत्रों के अनुसार साढ़े पांच बजे तक चली मैराथन बैठक के बाद थके पार्षदों ने भोजन के बाद रात्रि में जयपुर से दूसरी जगह के लिए प्रस्थान किया। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार जयपुर से पार्षद अजमेर आसपास के स्थलों के लिए रवाना हुए हैं। यहां पर भी यह सभी केवल तीन दिन रहेंगे इसके बाद फिर अन्यत्र के लिए रवाना हो जाएंगे। इसमें से कुछ पार्षद तो वापस नागौर ही पहुंच गए। जबकि शेष लोग नागौर नहीं आए। बताते हैं कि स्थान बदलने का सिलसिला 26 जून तक चलता रहेगा।नागौर. सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर नागौर से गए पार्षदों की बाड़ेबंदी को चाक-चौबंद बनाए रखने में पसीने आने लगे हैं। कयासों के चल रहे दौर के बीच पार्षदों के इधर से उधर जाने वालाों की अफवाहों के चलते राजनीतिक गलियारों का बाजार गर्म है। 38 तो पहले नागौर से बाहर चले गए थे, अब चार पार्षद गुरुवार को और चले गए। कुल 60 पार्षदों में से अब शहर केवल 18 पार्षद बचे हुए हैं। इनको लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हो रही है। माना जा रहा है कि सत्ता की धमक के साथ सभापति समर्थकों का खेमा जहां चुपचाप अपनी तैयारियां करने में लगा है, वहीं विरोधी खेमा किसी भी सूरत में अविश्वास प्रस्ताव के मार्फत सभापति को हटाए जाने का दावा कर रहा है। विरोधी खेमे ने दावा किया है कि गुरुवार शाम तक उनके समर्थक पार्षदों की संख्या पूरे 50 तक पहुंच गई है। एक वरिष्ठ पार्षद ने नागौर से रवाना होते समय कहा कि इस समय पार्षदों में केवल एक ही मुद्दा है कि कि वर्तमान सभापति को हटाना, बाकि की बातें तो बाद में होगी।शांत चल रहे शहर के माहौल में पार्षदों की ओर से अविश्वास प्र्रस्ताव लाए जाने के मुद्दे ने माहौल को गर्म कर कर दिया है। विरोधी खेमे के पार्षदों की माने तो उनका कहना है कि वर्तमान सभापति ने शहर का तो नहीं, अपना विकास किया है। उनके साथ जो भी पार्षद हैं, यह उनकी मजबूरी है, हालांकि मन से सभापति समर्थक पार्षद भी उनके साथ नहीं हैं। चर्चा है कि इनको भी अपने साथ लाए जाने के लिए विरोधी खेमा प्रयास कर रहा है। ताकि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान किंतु-परन्तु की कोई गुंजाइश न रहे। हालांकि सूत्रों के अनुसार इन पार्षदों से बातचीत का जिम्मा भी उनके करीबियों व दोस्तों ने ही संभाला है। विरोधी खेमे का मानना है कि वह चमत्कार करने में पूरी तरह से सफल रहेंगे, क्यों कि सभापति समर्थक पार्षद भी उनके संपर्क में हैं। परस्पर दावों के बीच फ्लोर टेस्ट में अब 15 दिन शेष रह गए हैं। फ्लोर टेस्ट के दिन नजदीक आने के साथ ही अब लोगों की धडकऩें बढऩे लगी है। दोनो ही गुटों के बीच बहुमत के आंकड़े के बराबर पार्षदों को अपने साथ बनाए रखने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
Published on:
15 Jun 2025 10:38 pm
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