नागौर. विजयदशमी पर्व मनाए जाने की तैयारियां तेज कर दी गई है। राजकीय स्टेडिय में इस साल रावण का 45 फीट एवं कुंभकर्ण व मेघनाद का 40-40 फीट ऊंचा पुतला जलेगा। इसको बनाने के लिए जोधपुर एवं जयपुर से संयुक्त रूप से विशेष कलाकारों की टीम बुलाई गई है। यह टीम पुतले को तैयार करने […]
नागौर. विजयदशमी पर्व मनाए जाने की तैयारियां तेज कर दी गई है। राजकीय स्टेडिय में इस साल रावण का 45 फीट एवं कुंभकर्ण व मेघनाद का 40-40 फीट ऊंचा पुतला जलेगा। इसको बनाने के लिए जोधपुर एवं जयपुर से संयुक्त रूप से विशेष कलाकारों की टीम बुलाई गई है। यह टीम पुतले को तैयार करने में लग गई है। नगरपरिषद प्रशासन के अनुसार इस बार आतिशबाजी भी एक घंटे की जगह डेढ़ घंटे की रहेगी। इसके लिए अजमेर विशेष तौर पर आतिशबाज बुलाए गए हैं।
विजयदशमी यानि की दशहरा 12 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस बार की विजयदशमी को अविस्मरणीय बनाने के लिए विशेष रूप रूप से तैयारियां की जा रही है। नगरपरिषद के अधिकारियों का कहना है कि स्टेडियम में दशहरे के दौरान दर्शकोंं की भारी भीड़ होती है। इसको ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं भी बेहतर तरीके से किए जाने की कोशिश है, ताकि श्रद्धालु आराम से दशहरे के दौरान पुतला दहन का दृश्य देख सकें। परिषद के अनुसार प्रयास रहेगा कि दर्शक बेरिकेडिंग के बाहर ही रहें। हर बार दहन के दौरान कई उत्साहित श्रद्धालु बेरिकेडिंग के अंदर आ जाते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए भी खास प्रबन्ध किए जाएंगे। ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्वक निर्विध्न हो सके।
20 कलाकारों की टीम तैयार कर रही पुतला
तीनों पुतलों को तैयार करने में कुल 20 कलाकारों की टीम लगी हुई है। प्रारंभिक स्तर पर तीनों पुतलों का ढांचा तैयार कर लिया गया है। अब इनके मुखौटे बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही इनके हाथों को विशेष रूप दिया जाएगा। ताकि बनने के बाद यह पूरी तरह से रामायणकालीन दृश्य को साकार कर सकें।
रावण का मुखौटा रहेगा 15 फीट का
रावण के पुतले में मुखौटा विशेष रूप से आकर्षण का केन्द्र रहेगा। रावण का केवल मुखौटा ही 15 फीट ऊंचा बनाया गया है। इसमें अलग से छोटे-छोटे दस सिरों के पुतले भी लगाएंगे। इनको विशेष रूप से जोडऩे के लिए केमिकल भी जयपुर से मंगाया गया है। ताकि ऐन मौके पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके।
भगवान राम चलाएंगे तीर, तीनों पुतले एक साथ जलने लगेंगे
रावण, कुंभकर्ण एवं मेघनाद के तीनों पुतले इस बार एक साथ जलेंगे। परंपरानुसार भगवान राम तीर चलाएंगे, और तीर सीधा नाभी पर जाकर लगेगा। इसके बाद तीनों पुतले जलने लगेंगे।
डेढ़ घंटे तक आसमान रहेगा रंगीन
परिषद प्रशासन के अनुसार हर साल एक दहन के दौरान आतिशबाजी का कार्यक्रम केवल एक घंटे का रहता है, मगर इस साल यह पूरे डेढ़ घंटे का रहेगा। इस दौरान आसमान को रंगीन करने वाले एक से बढकऱ एक नायाब आतिशबाजी की जाएगी। इसके लिए विशेष रूप से अजमेर से आतिशबाज बुलाए गए हैं। यह पूरे समय तक आतिशबाजी करेंगे। इस दौरान स्टेडियम परिसर का आसमान पूरा रंगीन रोशनियों से नहाया हुआ नजर आएगा।
तैयारियों का किया निरीक्षण
आयुक्त रमेश रिणवा मंगलवार को दोपहर स्टेडियम में तैयारियों का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। निरीक्षण के दौरान तैयार हो रहे पुतले को देखा, और अनुबंधित एजेंसी के संचालक से बातचीत कर तैयारियों का जायजा लिया। इसके साथ ही रावण, कुंभकर्ण एवं मेघनाद के पुतले के ढांचे को देखने के साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।