खींवसर. नागौर जिले के पांचलासिद्धा के जसनाथ आसन में उत्सव माँ कार्यक्रम का गुरुवार को विभिन्न आयोजनों के साथ समापन हो गया। इस दौरान कालबेलिया नृत्य, डांडिया नृत्य सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम में अतिथियों ने महिला सशक्तीकरण व पर्यावरण पर विशेष जोर दिया।
- कार्यक्रम के समापन पर कालबेलिया नृत्य, संगीत व डांडिया की रही धूम
-मिस इण्डिया सिद्धि जौहरी ने दिया महिला सशक्तीकरण पर जोर
खींवसर. नागौर जिले के पांचलासिद्धा के जसनाथ आसन में उत्सव माँ कार्यक्रम का गुरुवार को विभिन्न आयोजनों के साथ समापन हो गया। इस दौरान कालबेलिया नृत्य, डांडिया नृत्य सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम में अतिथियों ने महिला सशक्तीकरण व पर्यावरण पर विशेष जोर दिया।
समापन समारोह की मुख्य अतिथि मिसेज इण्डिया, मिसेज गैलेक्सी क्वीन इण्डिया जैसे खिताब जीतने के साथ हैल्थ एज्युकेशन की भारत की राष्ट्रीय ब्रांड एम्बेसडर, संयुक्त राष्ट्र की ओर से घोषित इंडो नेपाल ग्रीन मिशन की ब्रांड एम्बेसडर सहित प्रदेश का राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाली सिद्धि जौहरी ने महिला सशक्तीकरण को लेकर उद्बोधन दिया। कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं एवं बालिकाओं पहले ख़ुद पर भरोसा करें , तो पूरा विश्व आप पर भरोसा करेगा। आपके जो भी सपने वही लक्ष्य हैं। उनको कड़ी मेहनत के साथ पूरा करें। उन्होंने शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।
पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की भागीदारी जरूरी
जसनाथ आसन के महंत सूरजनाथ सिद्ध ने कहा कि महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। पहले भी बहुत सी महिलाओं ने पर्यावरण के लिए काम किया। इनमें अमृता देवी ने जोधपुर जिले के खेजड़ली गांव में खेजड़ी के पेड़ों की रक्षा के लिए अपनी जान दे दी। चिपको आंदोलन में महिलाओं ने नेतृत्व किया। महिलाएँ अधिक अनुशासित व सवदेंशील होती हैं। उन्होंने कहा कि उत्सव मां कार्यक्रम का मकसद है कि महिलाएं सशक्त बने, महिलाओं का नेतृत्व बढ़े और वे आत्मनिर्भर बने।