झारड़ा/उज्जैन। राम नवमी के पावन अवसर पर उज्जैन में गुजराती सेन समाज एवं ट्रस्ट के तत्वावधान में 41वां नि:शुल्क सामूहिक सम्मेलन हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। मोहनपुरा-बड़नगर रोड स्थित चारभुजा गार्डन में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी रही। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, जागरूकता और समग्र […]
झारड़ा/उज्जैन। राम नवमी के पावन अवसर पर उज्जैन में गुजराती सेन समाज एवं ट्रस्ट के तत्वावधान में 41वां नि:शुल्क सामूहिक सम्मेलन हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। मोहनपुरा-बड़नगर रोड स्थित चारभुजा गार्डन में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी रही। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, जागरूकता और समग्र विकास को बढ़ावा देना रहा।
सम्मेलन में समाज के वरिष्ठ एवं विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के महत्व, सामाजिक एकता और जागरूकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में अग्रणी भूमिका निभाएं और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सकारात्मक परिवर्तन लाएं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक विषयों पर चर्चा की गई, जिससे उपस्थित जनों को नई दिशा और प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम के दौरान झारड़ा के वरिष्ठ पत्रकार कमल सेन को पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए समिति द्वारा सम्मानित किया गया। समाजजनों ने उनका भव्य स्वागत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह सम्मान समारोह कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा, जिसने समाज में प्रेरणा का संदेश दिया।
सम्मेलन में झारड़ा क्षेत्र से सुरेश सेन (झुटावद), ओमप्रकाश सेन (डूंगरखेड़ा), कन्हैयालाल सेन सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इसके अलावा उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन और ट्रस्टी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन स्नेह भोज के साथ हुआ, जिसमें सभी ने एकजुट होकर सहभागिता निभाई और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
आयोजन से जुड़े अभिषेक शुक्ला ने बताया कि यह पंचदिवसीय हवन यज्ञ प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज को धर्म से जोड़ना और युवा पीढ़ी में संस्कारों का संचार करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से गांव में आपसी भाईचारा, सहयोग और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है। इस पूरे आयोजन का संचालन बाल गणेश मंडल द्वारा किया गया, जिसमें ग्राम के युवाओं, श्रद्धालुओं और समस्त ग्रामवासियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों और ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा। समापन अवसर पर पूरे गांव में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।