इस परियोजना से करीब 83 लाख लोगों को सीधे तौर पर बड़ा फायदा होगा। इसके शुरु होने से प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित महाकालेश्वर उज्जैन, कूनो राष्ट्रीय उद्यान के साथ‑साथ राजस्थान के रणथंबोर और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, मथुरा‑वृंदावन, मंत्रालयम, कासापुरम, नैमिषारण्य जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होगा।