Nagda Mathura Rail Line Project: मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है।
Nagda Mathura Rail Line Project:मध्यप्रदेश के पर्यटन और रेल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने जा रही है। आने वाले सालों में मध्यप्रदेश के यात्रियों को बड़ा फायदा होने वाला है। जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिन केंद्रीय कैबिनेट ने एमपी के नागदा जंक्शन से मथुरा के बीच अतिरिक्त तीसरी और चौथी नई रेल लाइन बिछाने को मंजूरी दी है। इस लाइन को बिछाने में 16,403 करोड़ की लागत आएगी। केंद्र की सरकार ने दिल्ली-मुंबई के बिजी रूट पर ट्रैफिक को कम करने के लिए नागदा-मथुरा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन (570 किमी.) परियोजना को मंगलवार को मंजूरी दी है।
मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है। ट्वीट करके मोहन यादव ने कहा कि इस अहम परियोजना से उज्जैन में बाबा महाकालेश्वर, कूनो राष्ट्रीय उद्यान सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क और सशक्त होगा। इससे न सिर्फ पर्यटन बल्कि लॉजिस्टिक्स और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। लोगों को बड़ा फायदा होगा।
इस रेल लाइन को मंजूर मिलने से लगभग 23 हजार 437 करोड़ रुपये की तीन मल्टी‑ट्रैकिंग परियोजनाएं पूरी होंगी। इससे मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। कई राज्यों के बिजी रूटों पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। यात्रियों की भीड़ कम होगी और हर साल 60 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव हो सकेगी।
इस परियोजना से करीब 83 लाख लोगों को सीधे तौर पर बड़ा फायदा होगा। इसके शुरु होने से प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित महाकालेश्वर उज्जैन, कूनो राष्ट्रीय उद्यान के साथ‑साथ राजस्थान के रणथंबोर और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, मथुरा‑वृंदावन, मंत्रालयम, कासापुरम, नैमिषारण्य जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होगा।
प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस परियोजना से पर्यटन के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी नई रफ्तार मिलेगी। रेल लाइनों की क्षमता बढ़ने से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कुल लंबाई: नागदा-मथुरा के बीच लगभग 550 किलोमीटर (अनुमानित)
कुल निवेश: 16,403 करोड़, वहीं (कैबिनेट ने कुल 23,437 करोड़ की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी)
समय सीमा: 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य
क्षेत्र: 3 राज्यों- मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी।