तेज रफ्तार अन्य वाहनों को भी लेता है चपेट में
नागदा। स्टेट हाइवे नंबर १७ दुर्घटनाओं के लिए मशहूर होने के साथ ही ओवर लोडिग़ वाहनों के तेज रफ्तार से दौडऩे के लिए भी प्रचलित हो रहा है। मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ओवर लोडिग़ वाहन तेज गति से दौड़ते है। विड़बना यह है, कि मार्ग पर आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती है। बावजूद मार्ग पर दुर्घटनाओं को रोकने व ओवर लोडिग़ वाहनों पर चालानी कार्रवाई किए जाने को लेकर किसी प्रकार के पुख्ता इंतजाम नहीं है। सोचने वाली बात यह है, कि चंबल तट स्थित कालका माता मंदिर के समीप ट्रैफिक जवान व पुलिस जवान मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की चैकिंग करते है। बावजूद इसके ओवर लोडिंग वाहन कैसे बायपास में प्रवेश कर लेते हैं।
क्या है मामला
दरअसल बायपास मार्ग से ओवर लोडिग़ वाहन तेज रफ्तार से दौड़ते है। ऐसे में दुर्घटनाओं के होने की आशंका प्रबल हो जाती है। मार्ग से गुजरने वाले वाहनों में ऐसे भी कई वाहन होते है जो क्षमता से अधिक सामानों का परिवहन करते है। क्षमता अधिक होने के कारण कई वाहन मार्ग के बीचों बीच खराब हो जाते है। वाहनों की मरम्मत भी बीच सड़क पर ही की जाती है।
लगता है जाम
मार्ग पर इन दिनों गेहूं से भरे भूसे का परिवहन अधिक मात्रा में किया जा रहा है। उक्त वाहनों की तादात इतनी अधिक होती है, कि पीछे की ओर से आते हुए वाहनों को आगे का मार्ग ठीक प्रकार से नहीं दिखाई देता है। ऐसे में मार्ग पर भीषण जाम की स्थिति निर्मित होती है। प्रशासन की अनदेखी के चलते इस प्रकार की स्थिति निर्मित होती है।
इनका कहना-
ओवर लोडिग़ वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए चंबल तट स्थित चामंडा माता चौराहे पर पुलिस जवाना मौजूद रहते है। वाहन यदि तेज रफ्तार से दौड़ते है, तो उन पर चालानी कार्रवाई करवाई जाएगी।
राजू रजक
टीआइ, मंडी थाना