नारायणपुर

Exclusive: अबूझमाड़ के जंगल में इंसानियत की मिसाल, बीमार महिला को 10 घंटे स्ट्रेचर पर लेकर चले ITBP जवान

ITBP Rescue Abujhmad: अबूझमाड़ में 17 दिन से बीमार 51 वर्षीय बुदरी मंडावी को ITBP जवानों ने 10 घंटे तक स्ट्रेचर पर ढोकर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। अस्पताल पहुंचने से पहले महिला की मौत हो गई।
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Updated: 5 Sep 2026, 12:30 PM IST
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ITBP जवानों का मानवीय चेहरा (Photo Source- Patrika)

Exclusive: अबूझमाड़ की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच 29वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की। ग्राम दिवालूर की 51 वर्षीय बुदरी मंडावी करीब 17 दिनों से बीमार थीं। सूचना मिलने पर जवानों ने उन्हें स्ट्रेचर के जरिए करीब 10 घंटे तक कठिन रास्तों से बाहर निकालने का प्रयास किया। हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद पति की इच्छा का सम्मान करते हुए जवान उनके पार्थिव शरीर को भी पैदल गांव तक लेकर पहुंचे।

Abujhmad News: बारिश और दुर्गम रास्तों के बीच जारी रहा रेस्क्यू

महिला की हालत को देखते हुए जवान उन्हें आगे के उपचार के लिए बोटेर COB होते हुए ओरछा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे थे। रास्ते में लगातार बारिश, कीचड़, फिसलन, दो लॉग ब्रिज और 2 से 3 फीट पानी वाले नालों जैसी चुनौतियां सामने आईं। इसके बावजूद जवान स्ट्रेचर लेकर लगातार आगे बढ़ते रहे। अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में सडक़ और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी आज भी बड़ी चुनौती है।

ऐसे में ITBP जवानों द्वारा कठिन परिस्थितियों में ग्रामीणों तक पहुंचकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास सुरक्षा बलों की मानवीय भूमिका को दर्शाता है। बुदरी मंडावी को बचाया नहीं जा सका, लेकिन जवानों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने से लेकर पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक गांव तक पहुंचाने तक पूरी जिम्मेदारी निभाई।

सूचना मिलते ही 16 जवानों की टीम रवाना

3 सितंबर को बुदरी मंडावी के पति सहित तीन ग्रामीण दिवालूर COB पहुंचे और महिला की गंभीर स्थिति की जानकारी ITBP जवानों को दी। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर शिव प्रताप के नेतृत्व में 16 सदस्यीय मेडिकल-रेस्क्यू टीम गांव के लिए रवाना हुई। टीम महिला को स्ट्रेचर पर लेकर दिवालूर COB पहुंची, जहां प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय जांच की गई।

बोटेर पहुंचने से पहले हुई महिला की मौत, पार्थिव शरीर गांव पहुंचाया

करीब 2:30 बजे बोटेर COB पहले मेडिकल स्टाफ ने महिला की दोबारा जांच की। इस दौरान उनके जीवन-रक्षक संकेत नहीं मिले। महिला की मृत्यु हो चुकी थी। जवान उन्हें लेकर करीब 2:40 बजे बोटेर COB पहुंचे और घटना की जानकारी अधिकारियों को दी। महिला के पति ने अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार पैतृक गांव दिवालूर में करने की इच्छा जताई। ITBP जवानों ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए 27 सदस्यीय दल के साथ पार्थिव शरीर को स्ट्रेचर पर लेकर वापस गांव की ओर प्रस्थान किया। लगातार बारिश और कठिन रास्तों को पार करते हुए दल शाम करीब 6:05 बजे दिवालूर पहुंचा और पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया।

ITBP Humanitarian Rescue: ITBP रेस्क्यू अभियान: मुख्य बिंदु

  • बीमार महिला: बुदरी मंडावी, उम्र 51 वर्ष
  • निवासी: ग्राम दिवालूर, अबूझमाड़
  • बीमारी: करीब 17 दिनों से बुखार से पीडि़त
  • रेस्क्यू टीम: 16 सदस्यीय मेडिकल-रेस्क्यू दल
  • मुख्य बाधाएं: कीचड़, फिसलन, बारिश और 2-3 फीट पानी वाले नाले
  • लॉग ब्रिज: रास्ते में दो लॉग ब्रिज पार किए गए
  • महिला की मृत्यु: बोटेर COB पहुंचने से पहले
  • पार्थिव शरीर: 27 सदस्यीय दल गांव लेकर पहुंचा
  • गांव पहुंचने का समय: शाम करीब 6:05 बजे
  • पुलिस/सुरक्षा बल की भूमिका: चिकित्सा सहायता, रेस्क्यू और पार्थिव शरीर को गांव पहुंचाना
Updated on:
5 Sep 2026, 12:30 PM IST
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