मतदान कराकर सकुशल लौटे मतदान दल कर्मियों ने बताया कि चारों ओर घना जंगल और कैंप में रात बिताना रोमांचक अनुभव रहा। देर रात तक दल के सदस्य डरे सहमे टेंट में दुबके रहे।
विशाल चौहान/नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दूरस्थ अंचल में स्थित मतदान केन्द्र में मतदान करने गए दल को रात कन्हारगांव सुलेंगा व धौड़ाई कैंप में गुजारनी पड़ी। मतदान कराकर सकुशल लौटे मतदान दल कर्मियों ने बताया कि चारों ओर घना जंगल और कैंप में रात बिताना रोमांचक अनुभव रहा। देर रात तक दल के सदस्य डरे सहमे टेंट में दुबके रहे। आधी रात के बाद जंगल में तेज टार्च की रोशनी नजर आई। संवेदनशील इलाका व मतदान कराने निकले दल को लगा कि अब मुठभेड़ होने वाली है।
जैसा कि हमें निर्देश मिला था एहतियात बरतते हम जमीन से सटकर लेट गए। कुछ देर बाद जवानों की हलचल शुरू हुई तो सांसें तेज हो गई। फिर पता चला कि वह सर्चिंग कर लौटने वाले दल के जवान हैं। तब जाकर सांस में सांस आई। मौसम में भी बेहद ठंडक थी। इसके बाद भी रात खुली आखों में ही कट गई। कम तापमान और अलसुबह कैं प में नहाना नया अनुभव रहा। सुबह सफर फिर शुरू हुआ सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण कन्हारगांव मतदान केन्द्र तक पैदल पहुंचे। इसके बाद करीब 6 बज मॉक पोल कर 7 बजे मतदान की प्रक्रिया शुरू कर दिया।
पहली बार हेलिकॉप्टर में बैठे, याद आए भगवान
इसी तरह एक अन्य मतदान दल कर्मियों ने बताया कि हेलिकॉप्टर से मतदान केन्द्र तक पहुंचने की बात से कुछ नया तो लग रहा था। जब सेना का हेलिकॉप्टर आया तो ऐसा लगा कि हम हवाई सफर पर निकले हैं। सभी लोगों के लिए हवाई यात्रा का यह पहला मौका था। हेलिकॉप्टर जब उडने लगा उसके बाद कुछ मन ही मन भगवान को याद करने लगे। कुछ देर बाद सब सामान्य हो गया था। लेकिन हेलिकाप्टर से उतरकर पैर जमीन पर पडऩे के बाद राहत महसूस हुई।